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गुरूग्रंथ साहब विशेष विमान से कनाडा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कनाडा में विशाल सिख समुदाय रहता है लेकिन आजकल यह समुदाय एक अजीब से संकट से गुज़र रहा है. सिखों की पवित्र धार्मिक पुस्तक गुरू ग्रंथ साहब की कनाडा के गुरूद्वारों में मौजूद प्रतियाँ काफ़ी पुरानी हो गई हैं और बहुत सी नई प्रतियों की ज़रूरत है. सिख पंथ की स्थापना के 400सौ वें साल में गुरू ग्रंथ साहब की सैकड़ों प्रतियाँ अमृतसर से कनाडा मंगाई मंगाई गई हैं जिनके लिए एक विशेष विमान शनिवार को रवाना हुआ. इस विमान में सिर्फ़ गुरू ग्रंथ साहब की 149 प्रतियाँ थीं और कोई सामान नहीं था, न दवाइयाँ, न खाद्य पदार्थ. इन प्रतियों के साथ व्रत रखे हुए पाँच प्यारे थे जिन्हें हर वक़्त गुरबानी का पाठ करना था. इस विमान के ख़र्च का एक बड़ा हिस्सा उठाया स्काई लिंक एविएशन कंपनी के मालिक सुरजीत बाबरा. सुरजीत बाबरा ने बताया, "हर सीट को विशेष कपड़ों से ढककर उनपर एक-एक गुरू ग्रंथ साहब रखे जाएंगे. विमान में कोई अन्य सामान नहीं होगा." कनाडा के सिख समुदाय के लिए इस तरह का यह पहला प्रयास है. कोशिश यह है कि गुरूद्वारों के साथ-साथ ये प्रतियाँ आम लोगों में भी बाँटी जाएं. टोरंटो के एक सिख सतवंत खोसला कहते हैं, "सिखों की संख्या काफ़ी बढ़ रही है, गुरूद्वारों के अलावा लोग अब घरों में भी प्रकाश करके मान करते हैं, बिल्कुल गुरूद्वारों की तरह से." बीड़ा इस काम का बीड़ा उठाया है कनाडा की एक 'संस्था सच्चा' सौदा ने. सच्चा सौदा संस्था के हरदयाल सिंह बैंस ने सुरजीत बाबरा से इस बाबत बात की और वे तैयार हो गए. बाबरा एक सिख होने के नाते इस काम से जुड़ना बड़े सम्मान की बात मानते हैं और इस काम में कोई भी श्रेय लेने के लिए तैयार नहीं है. इस पर काफ़ी ख़र्च भी आएगा और कुछ चंद लोगों ने ही पूरा ख़र्च उठाने पर सहमति दी है. केवल जहाज़ का ख़र्च ही क़रीब दो लाख 25 हज़ार डॉलर है और इसका बड़ा अंश बाबरा दे रहे हैं. |
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