|
ऑस्ट्रेलियाई गेहूँ पर विवाद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के डेढ़ लाख टन ऑस्ट्रेलियाई गेहूँ को स्वीकार न करने के बाद, ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने पाकिस्तान से इस बारे में सफ़ाई माँगी है. ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को गेहूँ से लदे चार समुद्री जहाज़ भेजे थे. लेकिन पाकिस्तान ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई गेहूँ खाने के लायक नहीं है. पाकिस्तान का कहना था कि गेहूँ में फंगस है जिसके कारण ये मनुष्यों के खाने के लायक नहीं है. जब ऑस्ट्रेलिया ने ये कहते हुए गेहूँ का दोबारा निरीक्षण करने का अनुरोध किया कि उसके गेहूँ में कभी भी ये फंगस नहीं पाया गया, तो गेहूँ का फिर निरीक्षण किया गया. लेकिन इसके बाद भी पाकिस्तानी अधिकारी अपनी बात पर कायम रहे. उन्होंने ये लगभग डेढ़ लाख टन गेहूँ स्वीकार करने से इनकार कर दिया. ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्हें गेहूँ में फंगस के कोई आसार नहीं दिखे. अब ऑस्ट्रेलिया ने माँग की है इस गेहूँ का निरीक्षण स्वतंत्र एजेंसियों से करवाया जाए. ऑस्ट्रेलिया दुनिया में गेहूँ का निर्यात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||