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ज़ायक़ा वही लेकिन बियर असली या नक़ली? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यह बिल्कुल बियर जैसी ही दिखती है, उसका ज़ायक़ा भी बिल्कुल वैसा ही लेकिन वह 'क़ानून की नज़र में बियर नहीं है'. यह बियर ज़ायक़ा देने वाला पेय है और इसका नाम भी बियर ही रखा गया है जो बांग्लादेश में काफ़ी लोकप्रिय हो रहा है. एक कंपनी ने तकनीकी तौर पर कम अल्होकल वाली बियर बनाकर क़ानून से बचने का रास्ता निकाल लिया है क्योंकि इस्लाम में शराब पीना मना है. लेकिन इससे इस्लामी पार्टियों में ख़ासा बवाल मच गया है और उन्होंने क़ानूनी कार्रवाई की धमकी दे डाली है. इस बियर को बनाने वाली क्राउन बेवरेज नाम की इस कंपनी के प्रबंध निदेशक शमीम इस्लाम का कहना है, "नशीले पदार्थों पर नियंत्रण रखने वाले सरकारी विभाग में एक दोस्त ने हमें यह नुस्ख़ा सुझाया था." "हम तो इस बारे में सोच भी नहीं सकते थे. हम इसे बियर जैसा ज़रूर बनाते हैं लेकिन दरअसल यह बियर है नहीं क्योंकि इसमें पाँच प्रतिशत से कम अल्कोहल है." कंपनी अपनी इस बियर को बेचने के लिए बांग्लादेश के नशा नियंत्रण क़ानून 1990 के शब्दों की दलील दे रही है. इस क़ानून के तहत बियर बेचना अवैध है और बियर को एक ऐसा पेय बताया गया है जो रसायनिक प्रक्रिया के ज़रिए तैयार किया जाता है और जिसमें कम से कम पाँच प्रतिशत और अधिक से अधिक साढ़े आठ प्रतिशत अल्कोहल हो. इस क़ानून में ऐसी भाषा जान बूझकर इसलिए रखी गई क्योंकि कई मामलों में ऐसी दवाइयों की ज़रूरत पड़ जाती है जिनमें अल्कोहल होता है लेकिन उन्हें क़ानूनी पाबंदी से छूट मिली होती है. दवाइयों के लिए यह सीमा पाँच प्रतिशत से कम रखी गई है. नक़ली या असली लेकिन नई बियर जो बाज़ार में उतारी गई है वह आम बियर से मिलती-जुलती है और उसकी कैन भी बिल्कुल वैसी ही बनाई गई है.
इसका नाम क्राउन और हंटर रखा गया है और यह बियर के एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड से बिल्कुल मिलती-जुलती नज़र आती है. लेकिन इसके अलावा भी शमीम इस्लाम सोचते हैं कि वे एक क़दम और आगे हैं. "ऐसा जानबूझकर किया गया है. हमने यह पता लगाया कि फोस्टर्स और कार्ल्सबर्ग ने अपना ब्रांड बांग्लादेश में पंजीकृत नहीं कराया है. इसलिए हमने इसे पंजीकृत करा लिया." कार्ल्सबर्ग ने बीबीसी को बताया कि वे इससे ख़ुश नहीं हैं. कार्ल्सबर्ग की प्रवक्ता मार्गरेथ स्कोव ने कहा कि क्राउन और हंटर्स का यह नया पेय संभवतः कंपनी के ट्रेडमार्क और ब्रांड परंपरा का उल्लंघन है. "हम निश्चित रूप से इस पर गहराई से विचार करेंगे और अगर ज़रूरी हुआ तो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए क़ानूनी कार्रवाई भी करेंगे." प्रवक्ता का कहना था कि परंपरा यही है कि कार्ल्सबर्ग का उत्पाद अगर किसी देश में पंजीकृत भी नहीं है तो भी उसका पेटेंट सुरक्षित होता है." बिक्री और पांबदी यह बियर फिलहाल राजधानी ढाका में बिकनी शुरू शुरू हुई है लेकिन इसकी भारी माँग हो रही है और बहुत सी दुकानों में तो यह हाथोहाथ बिक जाती है.
एक कैफ़े में मोहम्मद इक़बाल हुसैन हंटर्स की बियर पीते हुए कहते हैं, "यह सचमुच बहुत ज़ायक़ेदार है. बिल्कुल असली बियर जैसी." लेकिन कुछ धार्मिक गुटों ने इसे इस्लाम के ख़िलाफ़ बताते हुए इस पर तुरंत पाबंदी लगाए जाने की माँग की है. बांग्लादेश इस्लामी गठबंधन के चेयरमैन और सांसद फ़ज़लुल हक़ का कहना था, "हम देश में किसी भी तरह की शराब बेचे जाने के ख़िलाफ़ हैं. इसलिए हम सरकार से इस बियर का परीक्षण करने की माँग कर रहे हैं." फ़ज़लुल हक़ का कहना था, "हम इतना ही कह रहे हैं कि अगर इसमें कुछ अल्कोहल मिलता है तो इस पर तुरंत पाबंदी लगा दी जानी चाहिए." जमाते इस्लामी के एक सांसद दिलावर हुसैन भी फ़ज़लुल हक़ की इस दलील का समर्थन करते हैं. उन्होंने इस बारे में एक पत्र हाल ही में संसद के स्पीकर को सौंपा है. |
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