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हिंदू श्रद्धालुओं का पाकिस्तान दौरा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बाबरी मस्जिद को गिराए जाने के बाद पहली बार हिंदू श्रद्धालू पाकिस्तान का दौरा कर रहे हैं. दो सौ हिंदू श्रद्धालुओं का एक दल जत्था मंगलवार को लाहौर पहुँच रहा है जहाँ से वो हिंदुओं के पवित्र स्थल कटास राज जाएगा. 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद हिंदू यात्रियों का पाकिस्तान जाना बंद हो गया था. पाकिस्तान और भारत के बीच संबंधों में सुधार के लिए जो क़दम उठाए जा रहे हैं, हिंदू श्रद्धालुओं का यह दौरा भी उसी सिलसिले की एक कड़ी है. पाकिस्तानी पंजाब के चकवाल शहर से क़रीब 35 किलोमीटर दूर कटास राज जिसका इतिहास बहुत पुराना है. कटास राज के मंदिर एक हज़ार से लेकर तीन हज़ार साल ईसा पूर्व तक के हैं लेकन अब उनकी हालत बहुत ख़स्ता हो चली है. बाबरी मस्जिद को जब छह दिसंबर 1992 को कुछ कट्टरपंथी हिंदुओं ने ढहा दिया था तो पाकिस्तान में भी कुछ मुसलमानों ने कटास राज के मंदिर तोड़ने की कोशिश की थी लेकिन स्थानीय प्रशासन की सही समय पर की गई कार्रवाई ने मंदिरों को तबाही से बचा लिया था. वाघा सीमा चौकी के रास्ते आने वाले इन हिंदू श्रद्धालुओं का स्वागत पाकिस्तान के वक़्फ़ विभाग के अधिकारी करेंगे और एक दिन लाहौर में ठहरने के बाद ये यात्री चकवाल के लिए रवाना हो जाएंगे जहाँ वे तीन दिन रहकर अन्य मंदिरों के दर्शन करेंगे. हिंदू यात्रियों को कटास राज में पाकिस्तान यूथ होस्टल में ठहराया जाएगा. कटास राज और उसके आसपास के इलाक़े की तरक़्क़ी के लिए पंजाब सरकार ने पिछले चंद महीनों में काफ़ी काम किया है. पंजाब के गवर्नर जनरल ख़ालिद मक़बूल ने तीन अगस्त 2003 को में कटास राज का दौरा किया था और हिंदू यात्रियों के ठहरने के लिए किए गए इंतज़ामों का जायज़ा लिया था. दो हज़ार ईसा पूर्व में कटास राज शिक्षा, साहित्य और संस्कृति का केंद्र समझा जाता था. कटास राज का सतघड़ा मंदिर तीन हज़ार ईसा पूर्व का बना हुआ है. इतिहासकारों के मुताबिक़ छह हज़ार ईसा पूर्व कटास शहर बारह मील के दायरे में फैला हुआ था जो अब सिकुड़कर एक गाँव भर रह गया है. कटास राज द्रविड़ सभ्यता के ज़माने में भी एक पवित्र स्थल हुआ करता था और उसका पवित्र झरना इस हैसियत का प्रमुख कारण बताया जाता था. हिंदू धर्म की मान्यता है कि ये झरना धरती माता की एक आँख है जो दुनिया में लोगों के साथ ज़ुल्म होता देखकर आँसू बहा रही है. |
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