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नेपाल में आम हड़ताल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में माओवादी विद्रोहियों ने गुरुवार को एक आम हड़ताल रखी जिससे राजधानी काठमाँडु में व्यापक असर पड़ा है. दुकानें, यातायात, स्कूल-कॉलेज, फैक्टरियाँ वग़ैरा बंद रहे. लोगों की मौजूदगी भी कम ही नज़र आई और ज़्यादातार निजी वाहन नहीं चले. माओवादियों का कहना है कि उन्होंने यह हड़ताल अपने गिरफ़्तार किए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं के बारे में जानकारी दिए जाने की माँग के समर्थन में रखी. विद्रोही माओवादियों का यह भी कहना है कि वे सुरक्षा बलों की 'ज़्यादतियों' के ख़िलाफ़ भी यह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. काठमाँडु में किसी हिंसा को रोकने के लिए सुरक्षा बल भारी संख्या में गश्त कर रहे हैं. 'अपहरण' इस बीच ऐसी ख़बरें मिली थीं कि माओवादियों ने पश्चिमी ज़िले अच्छम से 700 लोगों का अपहरण कर लिया. ऐसी ख़बरें हैं कि इन लोगों को माओवादी विद्रोह की वर्षगाँठ में शामिल कराने के लिए ज़बरदस्ती ले जाया गया है. माओवादी विद्रोहियों ने ऐसी ख़बरों का खंडन किया है लेकिन वे अपने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए लोगों को मजबूर भी करते रहे हैं और कुछ दिन बाद छोड़ देते हैं. पिछले कुछ दिनों में की छोटे-बड़े बम धमाके होते रहे हैं जिनसे डरकर बहुत से लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं. पिछले साल अगस्त में माओवादी विद्रोहियों ने शांति बातचीत और संघर्ष विराम से एकतरफ़ा तौर पर अपना हाथ खींच लिया था. तब से उनके ख़िलाफ़ सरकार ने व्यापक अभियान चलाया हुआ है. |
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