| चौटाला ने वाजपेयी के गठजोड़ को छोड़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हरियाणा के मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने भारतीय प्रधानमंत्री वाजपेयी के राष्ट्रीय गठजोड़ से नाता तोड़ने की घोषणा की. चौटाला की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) के प्रमुख घटक दलों में से रही है. उन्होंने केंद्र सरकार को किसानविरोधी बताया है. चौटाला ने आरोप लगाया कि राजग की अगुआ पार्टी भारतीय जनता पार्टी गठबंधन के धर्म को निभाने में नाकाम रही है. बीबीसी हिंदी सेवा से बातचीत में हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा, "भाजपा और हमने 1999 में साथ मिल कर चुनाव लड़ा. हमने निरंतर गठजोड़ की भूमिका निभाई, लेकिन भाजपा के प्रदेश स्तर के लोग लगातार हमारी आलोचना करते रहे." उन्होंने कहा, "भाजपा के लोगों ने कांग्रेस के साथ मिल कर स्थानीय चुनावों में हमारे लोगों के ख़िलाफ़ उम्मीदवार उतारे." केंद्र का विरोध चौटाला ने कहा, "अभी हाल में भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेसियों के साथ धरने पर बैठा था. तो कब तक हम बर्दाश्त करते?" केंद्र सरकार के प्रति अपने ग़ुस्से को स्वर देते हुए जाट नेता ने कहा, "बजट भाषण में 17 प्रदेशों का नाम था. हरियाणे का नाम तक नहीं लिया गया." केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताते हुए चौटाला ने कहा कि किसान हितों पर कुठाराघात किया जाता है तो ऐसे में किसी समझौते का सवाल ही नहीं है. यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी आम चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ेगी, उन्होंने कहा कि विकल्प खुले हैं. हालाँकि चौटाला ने स्पष्ट किया कि भाजपा या कांग्रेस के साथ मिल कर चुनाव लड़ने का कोई प्रश्न ही नहीं रह गया है. |
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