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शनिवार, 24 जनवरी, 2004 को 14:06 GMT तक के समाचार
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मुशर्रफ़ के बयान से सरगर्मी
परवेज़ मुशर्रफ़
दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक में मुशर्रफ़

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के इस बयान के बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है कि हो सकता है कि पाकिस्तानी वैज्ञानिकों ने कुछ देशों को परमाणु जानकारियाँ बेची थीं.

मुशर्रफ़ ने ये बात स्विट्ज़रलैंड के दावोस शहर में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान कही.

डावोस में मौजूद भारतीय पत्रकार शेखर गुप्ता ने बताया है कि मुशर्रफ़ के इस बयान के बाद डावोस में जमा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और पत्रकारों के बीच चर्चाएँ होती रहीं.

शनिवार को राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने दावोस में जमा हुए पत्रकारों से अनौपचारिक तौर पर बात भी की जिसमें शेखर गुप्ता भी मौजूद थे.

 सच बात तो ये है कि भारत को इससे कोई ख़तरा नहीं है कि ईरान या उत्तर कोरिया में कोई परमाणु हथियार बना लेता है. मगर भारत का ये रूख रहा है कि परमाणु अप्रसार पर ध्यान देने की ज़रूरत है

शेखर गुप्ता, दावोस में मौजूद पत्रकार

शेखर गुप्ता के अनुसार राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने ये भी कहा कि अन्य देशों में भी इस तरह की घटना हो सकती है मगर उनकी इस आशंका को लेकर अविश्वास देखा गया.

शेखर गुप्ता ने बताया कि भारतीय अधिकारियों की तरफ़ से मुशर्रफ़ के बयान पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है मगर भारत पाकिस्तान से परमाणु जानकारियों के लीक होने को लेकर पहले भी अपनी चिंता जता चुका है.

शेखर गुप्ता ने कहा,"सच बात तो ये है कि भारत को इससे कोई ख़तरा नहीं है कि ईरान या उत्तर कोरिया में कोई परमाणु हथियार बना लेता है. मगर भारत का ये रूख रहा है कि परमाणु अप्रसार पर ध्यान देने की ज़रूरत है ताकि परमाणु क्षमताओं की व्यवस्था पर निगाह रखी जा सके".

मुशर्रफ़ का बयान

 हम कुछ छिपाना नहीं चाहते हैं. हम साफ़ कर देना चाहते हैं ...जिसने भी हस्तांतरण किया होगा, हम उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे

परवेज़ मुशर्रफ़

राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने दावोस में टेलीविज़न चैनल सीएनएन से इस सिलसिले में कहा,"ये साफ़ है कि कुछ लोगों ने पैसे के लिए ऐसा किया."

हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इसमें शामिल नहीं थी.

पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग की ओर से जानकारी दिए जाने के बाद महीने भर पहले जाँच के आदेश दिए थे.

दूसरे देशों को परमाणु तकनीक दिए जाने की जाँच के सिलसिले में अब तक लगभग लोगों से पूछताछ की गई है जिनमें पाकिस्तान के प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान भी शामिल हैं.

नौ वैज्ञानिकों और अधिकारियों से अब भी पूछताछ चल रही है.

कड़ी कार्रवाई

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का कहना है कि ये जाँच कुछ सप्ताह में समाप्त हो जाएगी.

परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा,"हम कुछ छिपाना नहीं चाहते हैं. हम साफ़ कर देना चाहते हैं ...जिसने भी हस्तांतरण किया होगा, हम उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे."

उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषी पाए गए लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

साथ ही राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने चे भी कहा है कि पिछले दिनों उन पर हुए दो जानलेवा हमलों के पीछे अल क़ायदा का हाथ हो सकता है.

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