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बस और रेल सेवा पर बातचीत का प्रस्ताव
पाकिस्तान ने भारत के साथ रेल और बस यातायात को और बढ़ाने के लिए बातचीत की पेशकश की है और इसके लिए तारीख़ें भी सुझाई हैं. दोनों देशों के बीच दिल्ली-लाहौर बस सेवा और समझौता एक्सप्रेस का सफ़र बहाल होने के बाद कुछ और सेवाएं शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है. इसमें भारत प्रशासित कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद के बीच बस चलाया जाना शामिल है. इसके अलावा राजस्थान के मुनाबाओ से पाकिस्तान के खोकरापार के बीच रेल सेवा चलाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने सोमवार को इस्लामाबाद में बताया कि रेल यातायात पर बातचीत के लिए आठ और नौ मार्च की तारीख़ों का सुझाव भारत सरकार के पास भेजा गया है. इसके अलावा श्रीनगर से बस सेवा शुरू करने के लिए बातचीत का एक अन्य दौर 29 और 30 मार्च को करने का भी सुझाव दिया गया है. फ़ैसला मसूद ख़ान ने कहा कि दोनों बैठकें तकनीकी स्तर पर होंगी और अंतिम फ़ैसला विशेषज्ञों की सिफ़ारिश के आधार पर बाद में लिया जाएगा. इससे पहले भारत ने यह यातायात शुरू करने का सुझाव दिया था जिस पर पाकिस्तान राज़ी हो गया था. शुरू में पाकिस्तान को नियंत्रण रेखा से होकर बस सेवा चलाने पर कुछ ऐतराज़ था क्योंकि पाकिस्तान नियंत्रण रेखा को अस्थाई सीमा रेखा मानता है.
लेकिन प्रवक्ता ने कहा कि अगर बस सेवा शुरू होती है तो इससे कश्मीर पर पाकिस्तान की नीति में कोई बदलाव नहीं समझा जाएगा. इस बीच मुज़फ़्फ़राबाद में अनेक लोगों ने श्रीनगर के लिए बस सेवा शुरू करने के समर्थन में सोमवार को प्रदर्शन किया. 1947 से पहले श्रीनगर से मुज़फ़्फ़राबाद होती हुई रावलपिंडी के लिए बस यात्रा बहुत लोकप्रिय हुआ करती थी ख़ासतौर से सर्दियों के मौसम में क्योंकि तब ज़्यादातर रास्ते बंद हो जाते थे. लेकिन 1947 में देश विभाजन के बाद दोनों देशों में कश्मीर के नियंत्रण को लेकर तनाव पैदा हो गया और इस तनाव की वजह से दोनों देशों के बीच तीन युद्ध हो चुके हैं. अब कुछ हिस्सा भारत के पास है जबकि कुछ पाकिस्तान के पास. |
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