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शायद गठबंधन का ख़याल आया है...
भारत के मुख्य विपक्षी दल काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने चुनावी गठबंधन करने की कोशिशों के तहत राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार से बुधवार को टेलीफ़ोन पर बात की. शरद पवार ने बातचीत के बाद सोनिया गाँधी को चाय पर आमंत्रित किया है और अब दोनों देशों के बीच बुधवार को ही बैठक होने की संभावना है. एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में एनसीपी की कार्यसमिति की बुधवार को ही बैठक हो रही है जिसमें चुनावी रणनीति सामने आने की संभावना है. गठबंधन को लेकर पार्टी में कुछ मतभेद पहले ही सामने आ चुके हैं. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व लोक सभा अध्यक्ष पीए संगमा कह चुके हैं कि वह अपनी राजनीतिक मजबूरियों की वजह से काँग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं कर सकते हैं. उन्होंने मंगलवार को बीबीसी से बातचीत में कहा था कि काँग्रेस ने पूर्वोत्तर राज्यों में एनसीपी को अस्थिर करने के लिए बहुत कोशिशें की हैं इसलिए काँग्रेस के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता. संगमा कह चुके हैं कि राष्ट्रीय जनताँत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ जाना ही उनकी राजनीतिक प्राथमिकता है. पार्टी के एक अन्य नेता तारिक़ अनवर ने कहा है कि उनकी पार्टी आम चुनाव में धर्मनिरपेक्ष गठबंधन के साथ ही रहेगी और पार्टी नेता पीए संगमा अगर अलग राह चुनना चाहते हैं तो उनके लिए रास्ते खुले हैं. बीबीसी हिंदी से विशेष बातचीत में अनवर ने कहा कि उनकी पार्टी की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से कोई बातचीत नहीं हो रही है. अनवर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस संबंध में पहल ज़रूर हुई थी मगर पार्टी ने हमेशा से ही धर्मनिरपेक्ष गठबंधन का साथ दिया है. |
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