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अमरिंदर सिंह ने केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्रीय सरकार पर आरोप लगाया है कि वह काँग्रेस प्रशासित प्रदेशों में मुश्किलें पैदा कर रही है. पंजाब में सत्ताधारी काँग्रेस पार्टी में अंतरकलह के चलते उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा कि वे विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए तैयार हैं. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने काँग्रेस में ही अपनी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल पर आरोप लगाया कि वे ख़ुद मुख्यमंत्री बनना चाहती हैं. उन्होंने ये विचार बीबीसी हिंदी सेवा के साप्ताहिक कार्यक्रम 'आपकी बात बीबीसी के साथ' में श्रोताओं के सवालों के जवाब देते हुए व्यक्त किए. चर्चा का विषय था - 'क्या प्रकाश सिंह बादल के ख़िलाफ़ बदले की कार्रवाई हो रही है और इस राजनीति का क्या परिणाम होगा?' 'भ्रष्टाचार का सफ़ाया' मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि कई काँग्रेस प्रशासित राज्यों में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और उसके घटक दल मुश्किलें खड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं. इस बारे में उन्होंने ख़ास तौर पर केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तरांचल, हिमाचल प्रदेश, असम और पंजाब का ज़िक्र किया. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा बादल किसी राजनीतिक बदले का शिकार नहीं हुए हैं. उनका कहना था कि काँग्रेस ने पिछले चुनावों में ही भ्रष्टाचार के सफ़ाए को अपना चुनावी मुद्दा बनाया था और वायदा किया था कि काम ऊपर से यानि प्रमुख नेताओं से शुरु होगा.
उन्होंने कहा कि बादल के ख़िलाफ़ पिछले दो साल में विधिवत तरीके से जाँच हुई और फिर न्यायालय में मामला गया तो न्यायालय के कहने पर ही उनकी गिरफ़्तारी हुई इसलिए इसे बदले की कार्रवाई कहना उचित नहीं होगा. लेकिन एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ये भी कहा कि भ्रष्टाचार का सफ़ाया रातों-रात नहीं हो सकता और उनकी सरकार हर स्तर पर कार्रवाई कर रही है लेकिन इसमें वक्त लगेगा. उनका कहना था कि उनके शासनकाल में जिन लोगों पर भ्रष्टाचार संबंधित मामले दर्ज हुए हैं उनमें केवल दस राजनीतिक नेता हैं जबकि अधिकतर, लगभग 400 लोग अफसरों और सरकारी कर्मचारियों के ख़िलाफ़ हैं. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का कहना था कि बादल की गिरफ़्तारी से उनका राजनीतिक कद नहीं बढ़ा है क्योंकि वे तो आपराधिक मामले में गिरफ़्तार हुए थे. 'विधानसभा में बहुमत' पंजाब काँग्रेस में अंतरकलह पर उनका कहना था कि कई लोगों की महत्वाकांक्षा मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री बनने की है लेकिन राजनीति में ये सब चलता है. उनका कहना था कि वे विधानसभा में भी बहुमत साबित करने के लिए तैयार हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के लिए गवर्नर से अनुरोध करेंगे तो उनका कहना था कि उन्हें समाचार माध्यमों से पता चला है कि अकाली दल ने गवर्नर को एक पत्र दिया है और जब उसके बारे में जानकारी स्पष्ट हो जाती है तो वे इस बारे में कुछ करेंगे. उनसे पूछा गया कि उन्होंने एक अन्य चुनावी वादा किया था कि वे किसानों को दिए जाने वाली मुफ़्त बिजली और पानी की सुविधा जारी रखेंगे तो फिर ये सुविधा बंद क्यों कर दी गई? उन्होंने माना की ऐसा वादा किया गया था लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री का कहना था कि ये राज्य की आर्थिक स्थिति को देखते हुए करना पड़ा. लेकिन उनका कहना था कि यदि राज्य की आर्थिक स्थिति बेहतर हो जाती है तो किसानों को ये सुविधाएँ दोबारा दी जाएँगी. उन्होंने माना कि राज्य में लगभग तीस लाख युवा बेरोज़गार हैं लेकिन उनका कहना था कि ये पंजाब में पंद्रह साल के ख़ूनख़राबे के कारण हुआ है. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का कहना था कि राज्य में और पूँजी निवेश को आकर्षित करने की कोशिश जारी है जिससे इस समस्या का समाधान हो सकता है. |
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