|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सत्येंद्र दुबे हत्याकांड की जाँच सीबीआई को
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इंजीनियर सत्येंद्र दुबे की हत्या का मामला सीबीआई को सौंपते हुए कहा है कि हत्या के लिए ज़िम्मेदार लोग जहाँ भी हों उन्हें बख़्शा नहीं जाएगा. दुबे की 27 नवंबर को बिहार के गया ज़िले में हत्या कर दी गई थी जबकि वह वहाँ 'हाइवे प्रोजेक्ट' पर काम कर रहे थे. इसे प्रधानमंत्री का 'ड्रीम प्रोजेक्ट' माना जाता है. उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना न केवल मेरा सपना है बल्कि ये पूरे देश के लिए एक सपने जैसा है." वाजपेयी ने दुबे को प्रतिभाशाली इंजीनियर बताते हुए उनके काम के प्रति धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी सरकार ये सुनिश्चित करेगी कि जो लोग भी इस परियोजना में काम कर रहे हैं वे निडर होकर काम करें. प्रधानमंत्री ने भी इस मसले में दुनिया भर के भारतीयों में हो रही प्रतिक्रिया का उल्लेख किया और कहा कि इससे स्पष्ट है कि देश के भविष्य को लेकर उनकी भी निष्ठा है. वाजपेयी का कहना था कि वह प्रतिभा को और काम करने की भावना को अपराधियों के हितों की भेंट नहीं चढ़ने देंगे. इस घटना को लेकर भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर के भारतीयों में काफ़ी कड़ी प्रतिक्रिया हुई है. इंफ़ोसिस के प्रमुख एनआर नारायणमूर्ति ने भी कहा कि ये देश में ऐसी अंतिम घटना होनी चाहिए. इस बीच पटना उच्च न्यायालय ने बिहार सरकार को निर्देश दिया है कि दुबे के परिजनों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाए. मामला दुबे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की गया यूनिट के प्रमुख थे और हत्या से लगभग एक वर्ष पहले उन्होंने सरकार की 'स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना' में भ्रष्टाचार के बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा था.
इसी सब को ध्यान में रखकर एमपी गुप्ता ने पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है. इसके बाद पटना उच्च न्यायालय ने बिहार के मुख्य सचिव, गृह सचिव और कई अन्य अधिकारियों को 11 दिसंबर की सुनवाई के दौरान तलब किया है. याचिकाकर्ता गुप्ता ने कहा है कि दुबे की हत्या ये दिखाती है कि राज्य में राजमार्ग परियोजना किस तरह माफ़िया के हाथ में चली गई है. उन्होंने न्यायालय से अपील की कि इसे उनके हाथों से निकाला जाए. निंदा सत्येंद्र दुबे हत्या कांड की चारों तरफ़ आलोचना हो रही है. इन्फ़ोसिस के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने प्रधानमंत्री वाजपेयी से अनुरोध किया है कि वह मृतक इंजीनियर के परिजनों से बात करें. आईआईटी के पूर्व छात्रों की संस्था को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "भ्रष्टाचार का सामना कर रहे एक ईमानदार व्यक्ति की हत्या की निंदा की जानी चाहिए. सार्वजनिक जीवन में मौजूद हर व्यक्ति को इसकी निंदा करनी चाहिए." उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को मामले से जुड़े ठेकेदार का ठेका रद्द करते हुए दोषियों को यथाशीघ्र सजा दिलानी चाहिए. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||