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भोपाल गैस-कांड की बरसी पर जुलूस
विश्व की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी यानी भोपाल गैस कांड की 19 वीं बरसी के मौक़े पर इस दुर्घटना में मारे गए 15 हजार लोगों की आत्मा की शांति के लिए बुधवार सुबह प्रार्थना सभाएँ आयोजित की गईं और मस्जिदों में विशेष दुआएँ माँगी गईं. राज्यपाल ने शमशानघाट और कब्रिस्तानों में फूल चढ़ाए. भारत टाकीज़ से एक मशाल जुलूस निकला जो कार्बाइड कारखाने तक गया. भोपाल ग्रुप फ़ॉर इन्फ़रमेशन ऐंड ऐक्शन के सतीनाथ संरगी का कहना था कि इस मौक़े पर भारत के ग्यारह शहरों में प्रदर्शन होंगे और पर्यावरणवादी संस्था ग्रीनपीस इसमें सहयोग करेगी. अमरीकी कंपनी यूनियन कार्बाइड ख़रीदने वाले डो केमिकल्स के खिलाफ 19 स्थानों पर प्रदर्शन किया जाएगा और डो के संचालकों को भोपाल के दूषित पानी के नमूने भेंट किए जाएँगे.
भोपाल के गैस कांड कल्याण आयुक्त कार्यालय के रजिस्ट्रार एआर श्रीवास्तव ने बीबीसी को बताया कि इस कांड में मारे गए 15,299 लोगों के परिवारों को उनकी मौत का मुआवजा मिल चुका है. उन्होंने कहा कि 11 लाख दावों में से सिर्फ 16 हजार प्रकरण लंबित हैं. अब तक पाँच लाख 70 हजार गैस पीड़ितों को कई करोड़ रुपया बाँटा जा चुका है. भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन बुधवार दोपहर एक आम सभा करने जा रही है जिसमें यूनियन कार्बाइड के अधिकारी ऐंडरसन का पुतला जलाया जाएगा. संगठन के संयोजक अब्दुल जब्बार की मांग थी कि कंपनी से जो मुआवज़ा मिला है उसे विधवाओं और अपंगों मे बाँट दिया जाए और गैस पीड़ितों को दूषित पीने के पानी से मुक्ति दिलाई जाए. अब्दुल जब्बार का आरोप था कि समुचित इलाज के अभाव में तीन लाख लोग विषैली गैस के दीर्घकालीन दुष्प्रभावों को झेल रहे हैं. |
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