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श्रीलंका में संसद का काम फिर शुरू
श्रीलंका की संसद की बुधवार को बैठक हो रही है. दो हफ़्ते पहले राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा ने संसद निलंबित कर दी थी जिसके बाद देश में राजनीतिक संकट शुरू हो गया था. संसद के निलंबन की अवधि बुधवार को ही समाप्त हो रही थी. संकट की मूल वजह श्रीलंका में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे के बीच तमिल विद्रोहियों के साथ शांति प्रक्रिया को लेकर मतभेद थे. दोनों नेताओं ने मंगलवार को आपस में दूसरी बार बैठक कर ये तय किया कि आपसी मतभेदों को दूर करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा. बजट संसद में बुधवार को दोबारा काम शुरू होने पर सरकार सबसे पहले बजट पेश करेगी. एक पखवाड़े पहले राष्ट्रपति के अचानक लिए गए कुछ फ़ैसलों से बजट पेश करने का काम टल गया था. अनुमान है कि नया बजट लुभावना होगा और इसमें सरकारी अफ़सरों के वेतन बढ़ाने की बात हो सकती है. राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार ने बताया है कि इस बजट का सीधा प्रसारण किया जाएगा. चुनाव नहीं श्रीलंका में संकट का कोई हल निकालने के लिए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच मंगलवार को हाल के दिनों में दूसरी बार बात हुई. दोनों पक्षों के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री से वादा किया कि उनका संसद को भंग करने और नए चुनाव करवाने का कोई मन नहीं है. वैसे प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे के प्रवक्ता जी एल पेइरिस ने कहा,"चुनाव में काफ़ी खर्च होते हैं मगर यदि ये हम पर थोपा गया तो हम इसका सामना करेंगे". श्रीलंका में अगर चुनाव होते हैं तो पिछले चार साल में यहाँ यह तीसरा चुनाव होगा. और राष्ट्रपति की पार्टी पीपुल्स एलायंस में इस मुद्दे पर लोगों की राय मिली-जुली है. |
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