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सार्क की बैठक दिल्ली में
भारत ने कहा है कि वह दक्षिण एशियाई देशों के संगठन सार्क के सूचना मंत्रियों की बैठक को सिर्फ़ भारत और पाकिस्तान के बीच के मुद्दों पर बातचीत का मंच नहीं बनने देगा. सार्क देशों के सूचना मंत्रियों का सम्मेलन सोमवार को सचिव स्तर की बैठक के साथ दिल्ली में शुरू हो गया है. सूचना मंत्रियों की औपचारिक बैठक मंगलवार से शुरू हो रही है जिसका उदघाटन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी करेंगे. भारत सरकार इस बैठक में बातचीत को सूचना और मीडिया से जुड़े क्षेत्रों तक ही सीमित रखने और इस मंच को भारत और पाकिस्तान के बीच के मुद्दों पर केंद्रित होने से बचाने का मन बना चुकी है. भारत के सूचना और प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि सार्क देशों के बीच होने वाली ऐसी बैठकें इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने में काफ़ी मददगार साबित होती हैं. दूसरी ओर पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख रशीद अहमद ने बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत रवाना होने से पहले बीबीसी हिंदी के साथ ख़ास बातचीत में कहा कि वे दोस्ती और अमन का पैग़ाम लेकर जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे भारत के प्रधानमंत्री वाजपेयी को अगले साल जनवरी में इस्लामाबाद में होने वाले सार्क शिखर सम्मेलन में आने का न्योता भी देंगे. सहयोग दिल्ली में सार्क सूचना मंत्रियों की बैठक के बारे में बातचीत करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, "हमारा ऐसा मानना है कि सार्क हमारे एक क्षेत्र विशेष की उपयोगी आवश्यकता है." "इस तरह की बैठकों और विचार-विमर्श से सार्क के उद्देश्यों को मज़बूत करने में मदद मिलती है."
उन्होंने कहा कि दो पड़ोसी देशों के बीच पारस्परिक विरोध बहुत अस्वभाविक नहीं है लेकिन इस विरोध से अलग आपसी बातचीत विमर्श के ज़रिए परस्पर सहयोग को बढ़ाने की कोशिश होनी चाहिए. बैठक में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और मालदीव के सूचना मंत्री हिस्सा लेंगे. पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख रशीद अहमद का कहना है कि दोनों देश मीडिया के ज़रिए क़रीब आ सकते हैं और कश्मीर जैसे मुद्दों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने में मदद भी मिल सकती है. हालाँकि भारतीय सूचना मंत्री से उनकी सीधी मुलाक़ात एजेंडे में नहीं है. उन्होंने कहा, "हम एक दूसरे को आँखें दिखा रहे हैं और बयानबाज़ी कर रहे हैं लेकिन अब हम आगे आएँ और अच्छे दोस्तों और पड़ोसियों की तरह मसले के हल की कोशिश करें."
शेख रशीद अहमद ने कहा कि वे प्रधानमंत्री वाजपेयी को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जफ़रुल्ला ख़ान जमाली और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ का संदेश और पाकिस्तान आने का न्योता देंगे. भारत का कहना है कि उसकी तरफ़ से सार्क देशों में सहयोग बढ़ाने के लिए फ़िल्म महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा. भारतीय कलाकारों के पाकिस्तान जाने पर लगे प्रतिबंधों के सवाल पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कलाकारों पर ऐसी पाबंदी नहीं लगनी चाहिए. उन्होंने कहा, "भारत का मत है कि सृजनात्मक विधाओं पर प्रतिबंध नहीं लगने चाहिए. वे भूगोल और क्षेत्रों के दायरे से परे हैं. मैं इसे सिर्फ़ पाकिस्तान के आलोक में नहीं देखता. मैं पूरे सार्क के परिप्रेक्ष्य में इसे देखता हूँ." सार्क सूचना मंत्रियों की यह तीसरी बैठक है. इससे पहले 1998 में और 2002 में भी बैठकें हो चुकी हैं. जानकारों का कहना है कि मीडिया में सहयोग बढ़ाने की चर्चा तो इस बैठक में होगी ही, साथ ही ये बैठक इस्लामाबाद में जनवरी में होने वाले सार्क शिखर सम्मेलन के लिए भी माहौल तैयार करेगी. |
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