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विकास की नींव रख दी है: जोगी
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री अजीत जोगी कहते हैं कि उन्होंने नए राज्य में विकास की मज़बूत नींव रख दी है और मध्यप्रदेश की तुलना में विकास दस-बीस गुना अधिक है. पहली नवंबर को राज्य के गठन को तीन वर्ष पूरे हो गए. पहले मुख्यमंत्री के रुप में अपने तीन साल की उपलब्धियों के बारे मे अजीत जोगी ने कहा, '' इन तीन सालों को देखता हूँ तो एक आत्मसंतोष और विनम्रता से कहूँ तो आत्मगौरव का अनुभव होता है.'' बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर नए बने दो अन्य राज्यों से तुलना करें तो झारखंड की तुलना में छत्तीसगढ़ बहुत आगे निकल गया है. लेकिन काँग्रेस शासित उत्तरांचल पर उन्होंने यह कहकर टिप्पणी करने से इनकार किया कि वह प्रदेश दूर है इसलिए वे इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते.
उन्होंने आंकड़े गिनाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की तुलना में छत्तीसगढ़ में बहुत अधिक काम हो रहा है, उन्होंने इसे दस-बीस गुना बताया. इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ में एक साल में एक हज़ार किसानों को पंप कनेक्शन मिलता था लेकिन अब बीस हज़ार लोगों को पंप कनेक्शन मिल रहा है. उन्होंने कहा, ''मै नक्सलवाद को सामाजिक-आर्थिक समस्या मानता हूँ और इसका निदान ग़रीबी-भूखमरी दूर करके ही हो सकता है.'' विपक्ष असहमत लेकिन छत्तीसगढ़ के मुख्य विपक्षी दल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने विकास के दावों को एक सिरे से ख़ारिज करते हुए आरोप लगाया कि 'मुख्यमंत्री के कारनामों से प्रदेश की बदनामी हुई है.' बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को जितना दिया है उसके अनुरुप विकास के कार्य नहीं हो रहे हैं. उनका आरोप था कि राज्य में नक्सलियों ने सामानांतर सरकार खड़ी कर ली है और सरकार कुछ नहीं कर रही है. डॉ सिंह ने कहा कि केंद्र ने छत्तीसगढ़ राज्य को चालीस अरब रुपए दिए हैं. हालांकि प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार ललित सुरजन का कहना है कि नक्सलवादी समस्या बढ़ी नहीं है और यथावत है. उनका कहना था कि झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ की तुलना में छत्तीसगढ़ में नक्सली समस्या नियंत्रण में है. उन्होंने कहा कि शेष दो नए राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ की स्थिति बहुत अच्छी है. |
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