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गुरुवार, 30 अक्तूबर, 2003 को 14:59 GMT तक के समाचार
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दो बहनों से शादी करेगा अमर
भारतीय लड़कियाँ
लड़कियों की शादी में कभी-कभी काफ़ी मुश्किल आती है

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बढ़ई का काम करने वाले रामस्वरूप वर्मा के बेटे अमर वर्मा की शादी की बात चली तो लड़की के पिता ने एक अनोखी शर्त रख दी.

उरई के रहने वाले सोहनलाल वर्मा का कहना था कि उनकी छोटी बेटी रागिनी से वही शादी कर सकता है जो उसकी बड़ी बहिन प्रीति को भी अपनाए.

इक्कीस वर्षीय प्रीति शारीरिक रूप से विकलांग है.

अमरनाथ वर्मा एक स्थानीय कोरियर कंपनी में काम करता है और उसकी मासिक आय ढाई हज़ार रुपये है.

 इस फ़ैसले को पूरे परिवार का समर्थन हासिल है. हम अवतार मेहर बाबा के अनुयायी हैं और किसी की मदद करना एक भलाई का काम है.

अमर के पिता

उसने और उसके परिवार वालों ने इस प्रस्ताव पर छह महीने तक विचार किया और आख़िरकार हाँ कर दी.

बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी जब रामस्वरूप वर्मा के मकान पहुँचे तो वह बाहर के कमरे में लकड़ी का कुछ सामान बना रहे थे.

उनका कहना था, "लड़कियों के पिता ने कहा कि वह दोनों बहिनों की शादी एक ही लड़के से करेंगे. मेरे मन ने इस प्रस्ताव को मान लिया. एक लड़की यदि विकलांग है तो वह कहाँ जाएगी".

 इस फ़ैसले को पूरे परिवार का समर्थन हासिल है. हम अवतार मेहर बाबा के अनुयायी हैं और किसी की मदद करना एक भलाई का काम है.

अमर के मामा

अमर अपने इस फ़ैसले से बहुत ख़ुश है.

एक अख़बार ने दोनों बहिनों में से एक 18 वर्षीय रागिनी को कहते बताया है कि उसे इस बात की बहुत ख़ुशी है कि दोनों बहिनें साथ रहेंगी.

अमर के मामा गौरी शंकर ने बीबीसी से कहा, "इस फ़ैसले को पूरे परिवार का समर्थन हासिल है. हम अवतार मेहर बाबा के अनुयायी हैं और किसी की मदद करना एक भलाई का काम है".

हिंदू विवाह क़ानून में एक से ज़्याद विवाह करने की इजाज़त नहीं है.

आप इस बारे में क्या सोचते हैं? अपने विचार ऊपर बाईं तरफ़ दिए गए फ़ॉर्म का इस्तेमाल करते हुए हमें रोमन लिपि या अंग्रेज़ी में भेज सकते हैं.


अपने विचार यहाँ पढ़िए

पहली बात तो ये कि कोई भी औरत पति को नहीं बाँट सकती. दूसरा ये कि विकलाँग लड़की को सदा अपराध बोध होता रहेगा. पिता को करना ही था तो ये शर्त रखनी चाहिए थी कि उसकी बेटी और दामाद विकलाँग लड़की का पूरी ज़िंदगी तक ख़याल रखेंगे. कल्पना कीजिए कल को अगर किसी लड़के के पिता ने किसी लड़की के सामने ये शर्त रख दी कि उसे दो भाईयों को पति मानना होगा तो क्या स्थिति आएगी. हरदीप, कनाडा

मुझे लगता है कि ये सही है क्योंकि माता-पिता के नहीं रहने पर कौन उसकी देखभाल करेगा. अरविंद, अमरीका

ऐसा करना सही नहीं है. क़ानून और मज़हब इसकी इज़ाज़त नहीं देते. अथराली, ईरान

हमारे मूर्ख क़ानून निर्माताओं को इस महत्वपूर्ण फ़ैसले पर ध्यान देना चाहिए और हिंदू विवाह क़ानून में सुधार करना चाहिए. मैं दोनों परिवारों को बधाई देता हूँ. एस एस फ़डके, भारत

मुझे नहीं पता क्या कहना चाहिए. मैं अवाक हूँ. विजय, अमरीका

मैं बहुत खुश हुआ ये जान कर कि इस तरह की शादी हमारे लिए एक मिसाल है. एम रेहान, दुबई

कैसे निबाह होगा

 अगर अमरनाथ जी वाकई महान हैं तो उन्हें केवल प्रीति से शादी करनी चाहिए. ढाई हज़ार रूपए में वह कैसे घर चलाएँगे

बाबूलाल, रूस

मैं कहना चाहता हूँ कि मानवता के नाते अमरनाथ जी का क़दम सराहनीय है मगर दूसरी तरफ़ हिंदू विवाह क़ानूनों के तहत ये ग़ैर-क़ानूनी है. मगर निश्चित तौर पर हमारे समाज के लिए यह बिल्कुल अच्छी बात है. अरूण कुमार, आईआईटी, कानपुर

हमारी राय में अमर वर्मा निर्णय सही है. वृंदावन चौधरी, सिरोलिया, देवास, मध्य प्रदेश

यह एक सराहनीय क़दम है और दूसरों को भी इससे सबक लेना चाहिए. यू एस रावत, मुंबई, भारत

ये है तो एक बड़ा फ़ैसला मगर इसके अच्छे-बुरे दोनों नतीजे हैं. मैंने अपने भाईयों में ऐसी शादी देखी है मगर उसमें बुरे परिणाम देखने को ज़्यादा मिला. पिता अपनी जगह सही हैं मगर ये याद रखें कि सबकी सोच समान नहीं होती. अक्षय मिन्हास, सेंट पीटर्सबर्ग, रूस

अगर अमरनाथ जी वाकई महान हैं तो उन्हें केवल प्रीति से शादी करनी चाहिए. ढाई हज़ार रूपए में वह कैसे घर चलाएँगे. बाबूलाल, मॉस्को, रूस

मियाँ बीवी राज़ी तो क्या करेगा काजी. किसी को कुछ कहने की ज़रूरत नहीं. एक अच्छी शुरूआत हो रही है. अमर आपको शुभकामनाएँ. गज्जर मेहुल, अहमदाबाद, गुजरात

मीठा धोखा

 ये प्रीति और समाज के साथ एक मीठा धोखा है. कुछ वर्षों बाद देखिएगा प्रीति अपने पति के घर किसी कोने में नज़र आएगी.

देव, दिल्ली

ये प्रीति और समाज के साथ एक मीठा धोखा है. कुछ वर्षों बाद देखिएगा प्रीति अपने पति के घर किसी कोने में नज़र आएगी. अगर अमर वाकई अच्छे व्यक्ति हैं तो उन्होंने केवल प्रीति से शादी क्यों नहीं की. देव, विकास मार्ग, लक्ष्मीनगर, दिल्ली

ये बहुत अच्छा हुआ. दोनों बहनें जिस प्रकार लगभग 20-25 वर्ष साथ रहीं वैसे ही आगे भी साथ रह कर ज़िंदगी गुज़ार लेंगे. अरविंद शर्मा, मेहसौरी गाँव, खगड़िया, बिहार

इस अनैतिक और मानवता विरोधी क़दम से सारी दुनिया स्तब्ध है.

अगर किसी को विकलाँग से इतनी ही हमदर्दी है तो सिर्फ़ उस विकलाँग से ही क्यों नहीं शादी की. ये सब ढोंग है और एक विकलाँग का शोषण है. फिर ढाई हज़ार रूपए की आमदनी वाले आदमी को दो शादियों का अधिकार कहाँ से मिल गया. और उन तथाकथित प्रगतिशील लोगों को साँप क्यों सूँघ गया जो सदा मुसलमानों की एक से अधिक शादी और दो से अधिक बच्चों की बात कर आसमान सिर पर उठा लेते हैं. मोहम्मद साक़िब अहमद, नबी नगर ककरार गाँव, शेखपुरा, बिहार, भारत

विकलाँग का शोषण

 अगर किसी को विकलाँग से इतनी ही हमदर्दी है तो सिर्फ़ उस विकलाँग से ही क्यों नहीं शादी की. ये सब ढोंग है और एक विकलाँग का शोषण है.

साक़िब अहमद, बिहार

ये एक अच्छा फ़ैसला है जिसकी हमें सराहना करनी चाहिए और ये यह विकलाँग व्यक्तियों की मदद का एक अच्छा उदाहरण है. असलम ख़ान, भोपाल, भारत

ये सही फ़ैसला है और मैं अमर वर्मा और रागिनी को बधाई देता हूँ. सैयद नफ़ासत अली, भारत

अमर की मासिक आय केवल ढाई हज़ार रूपए है और उसमें दो बीवियों का भरन-पोषण करना मुश्किल लगता है. अमर अगर सही में कोई साहसी काम करना चाहते तो वे केवल प्रीति से ही शादी करते. दोनों के साथ शादी विफल ही होगी क्योंकि एक म्यान में दो तलवारें नहीं रह सकतीं. ए के सिंह, मुंबई, भारत

मैं स्तब्ध हूँ. इस घटना से नहीं बल्कि इसका समर्थन करने वालों की टिप्पणियों से. भारत में विकलांग महिलाओं के सामने बहुत से विकल्प नहीं हैं उनकी शादी का फ़ैसला भी परिवार वाले बिना उनकी मर्ज़ी जाने कर लेते हैं. अगर अमरनाथ वर्मा इतने संवेदनशील हैं तो वह सिर्फ़ प्रीति से विवाह करें रागिनी से नहीं. मैं स्वंय विकलांग हूँ और जानती हूँ कि तीसरी दुनिया में विकलांग महिलाओं के अधिकारों की उपेक्षा की जाती है. पढ़ी-लिखी और जागरूक विकलांग महिलाओं को सामने आ कर इस तरह की चिंताओं का मुक़ाबला करना चाहिए. मीनू भंडारी, अमरीका

सबसे ज़्यादा क़ाबिले तारीफ़ तो रागिनी है जिसने अपनी बहन के लिए अपने पति को बाँटना स्वीकार कर लिया. प्रताप सिंह, बर्लिन, जर्मनी

हमारे विचार में यह बहुत अच्छा निर्णय है. इसकी सराहना होनी चाहिए. राजेंद्र, भारत, आर के सिंह, उत्तरांचल, आकाश, कनाडा, आशीष उपाध्याय, मुंबई, गिरधारी लाल, बहरीन, त्रिलोचन एस आनंद, कनाडा, राजू, लंदन

मैं श्री भल्ला की टिप्पणी से सहमत हूँ. यह क़दम अमर की उदारता नहीं दिखाता बल्कि अगर वह उदार होता तो सिर्फ़ प्रीति से विवाह करता. कुमार, नॉर्थ कैरोलिना

यह एक बेबाक क़दम है लेकिन यह देश में जो मिसाल क़ायम करेगा, लोग उसका दुरुपयोग भी कर सकते हैं. जतिन्दर, टोरोंटो, कनाडा

यह मानव समाज के लिए महत्वपूर्ण उदारहण है. मेरी तरफ से उन्हें ख़ुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएँ. इदरीस, दुबई

यह फ़ैसला सही है. इससे दोनों बहनों को साथ रहने का मौक़ा मिलेगा. अमर और उनके माता-पिता का यह बहादुरी वाला निर्णय है. अली अकबर, दुबई

बहादुरी वाला फ़ैसला

 अगर इंसानियत के हिसाब से देखा जाए, तो यह बहुत बहादुरी वाला फ़ैसला है. मगर बात तो तब बनेगी जब ये शादी कामयाब हो और दूसरे लोगों को इससे कुछ सबक मिले. इससे विकलांगों का उत्साह भी बढ़ेगा.

जावेद शेख़, दुबई

अगर इंसानियत के हिसाब से देखा जाए, तो यह बहुत बहादुरी वाला फ़ैसला है. मगर बात तो तब बनेगी जब ये शादी कामयाब हो और दूसरे लोगों को इससे कुछ सबक मिले. इससे विकलांगों का उत्साह भी बढ़ेगा. जावेद शेख़, दुबई

अगर अमर वर्मा वाकई एक अच्छे व्यक्ति हैं, तो वे सिर्फ़ बड़ी बहन को पत्नी के रूप में क्यों नहीं स्वीकार कर लेते. रविंदर भल्ला, कैलिफ़ोर्निया

मेरा मानना है कि यह बहुत अच्छा फ़ैसला है. मैं सोचता हूँ कि अमर एक महान व्यक्ति हैं. आपको बहुत-बहुत धन्यवाद अमर. आपके परिवार के लिए शुभकामनाएँ. आपका परिवार हमेशा ख़ुश रहे. बुरहानुद्दीन, दुबई

दरअसल विकलांगों को दया की नहीं, बल्कि उत्साह बढ़ाने की ज़रूरत है ताकि वे अपने पैरों पर खड़ा हो सकें. मोहम्मद मुअज़्ज़म, रियाद

इस तरह की ख़बरों को प्रमुखता मिलनी चाहिए. ये काफ़ी साहसिक क़दम है. समाज और सरकार को ऐसे मामलों में अपना भी सकारात्मक नज़रिया पेश करना चाहिए. सुरेश कुमार, बिहार

अगर दोनों बहनें अपने पति के साथ ख़ुश रहें, तो किसी को क्या आपत्ति हो सकती है. दर्शन सिंह, कनाडा

मैं इस फ़ैसले का स्वागत करता हूँ. हमें दूसरों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए. यह भाई अमर का बहादुरी वाला क़दम है. उम्मीद है कि अमर और उनके परिवार वाले इस रिश्ते को बनाए रखेंगे. जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें इस पर दोबारा विचार करना चाहिए. एक बार फिर मैं अमर को शुभकामना देना चाहता हूँ. शाही तसनीम, सऊदी अरब

अगर दोनों बहनें एक दूसरे को सम्मान करती हैं, उनमें प्यार है, तो यह सही है. सरफ़राज़, न्यूयॉर्क

वाकई ये सही फ़ैसला है. अगर उनके माता-पिता सहित सभी राज़ी है, तो कोई दिक़्क़त नहीं. मैं उन्हें शुभकामना देता हूँ. ईश्वर उनकी सहायता करें. दीपक पांडे, अमरीका

अमर को रागिनी से ज़्यादा प्रीति का ख़्याल रखना होगा. उन्होंने अच्छा क़दम उठाया है. लेकिन उन्हें आगे भी अपना वादा पूरा करना होगा. उन्हें प्रीति को पूरा अधिकार भी देना होगा. नाजमी, दुबई

विरोध का अधिकार नहीं

 क्या कोई सामने आकर ऐसा कर सकता है. अगर नहीं, तो उन्हें इसका विरोध करने का अधिकार नहीं. कम से कम प्रीति अच्छी ज़िंदगी तो बसर कर सकेगी.

अमित उपाध्याय, कनाडा

क्या कोई सामने आकर ऐसा कर सकता है. अगर नहीं, तो उन्हें इसका विरोध करने का अधिकार नहीं. कम से कम प्रीति अच्छी ज़िंदगी तो बसर कर सकेगी. अमित उपाध्याय, कनाडा

एक पिता को अपनी बेटी की चिंता है, एक बेटी को अपने पिता की तो एक बहन को अपनी बहन की. और इन सबसे अधिक एक व्यक्ति ने दोनों लड़कियों का साथ निभाने का वादा किया है. मैं सभी को शुभकामना देता हूँ. राजकुमार छाबड़ा, हैदराबाद

ये अच्छी परंपरा की शुरुआत है. शेख़ अयाज़, मुंबई

एक ही पत्नी क्यों नहीं

 अगर अमर वर्मा वाकई एक अच्छे व्यक्ति हैं, तो वे सिर्फ़ बड़ी बहन को पत्नी के रूप में क्यों नहीं स्वीकार कर लेते.

रविंदर वर्मा, कैलिफ़ोर्निया

एक व्यक्ति को ऐसा अधिकार क्यों है. अच्छा होचा अगर उस लड़की को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती. हम इस तरह उसकी सहायता क्यों नहीं करते. रिची परहर, कनाडा

ये फ़ैसला ग़लत है. जो बाप अपनी बेटी को बोझ समझता है वो बाप के लायक नहीं है. हिंदू रीति-रिवाज में बदलाव ज़रूरी है, लेकिन यह फ़ैसला अपनी लाचारी दिखा कर और किसी की लाचारी देख कर किया गया समझौता है. कुमार ज्ञानचंदानी, दुबई

भविष्य में यह फ़ैसला ख़तरनाक स्थिति खड़ा कर सकता है. कहा भी गया है कि एक म्यान में दो तलवार साथ नहीं रह सकते. मैं इस बारे में ज़्यादा नहीं कह सकता, क्योंकि मैं उन स्थतियों को नहीं जानता. नीम्बा राम चौधरी बैनीवाल, राजस्थान

मियाँ बीबी राज़ी तो क्या करेगा काज़ी. ये फ़ैसला इस कहावत की पुष्टि करता है. मनीषा दूलर, राजस्थान

मेरी तरफ से सभी को बधाई. मेरा मानना है कि लोगों को इस परिवार को नैतिक समर्थन देना चाहिए. अमर को दोनों लड़कियों को बराबर अधिकार देकर उदाहरण क़ायम करना चाहिए. अब्बास रज़ा अल्वी, ऑस्ट्रेलिया

मेरा मानना है कि इंसानियत के हिसाब से ये एक अच्छा फ़ैसला है.लेकिन यह फ़ैसला कितना सही साबित होता है, यह तो समय ही बताएगा. रोहित, लंदन

कितना सही फ़ैसला

 मेरा मानना है कि इंसानियत के हिसाब से ये एक अच्छा फ़ैसला है.लेकिन यह फ़ैसला कितना सही साबित होता है, यह तो समय ही बताएगा.

रोहित, लंदन

ये समाज में एक नया अध्याय जुड़ गया है. हिंदू विवाह प्रथा में सुधार लाने में यह शादी क्रांति ला सकती है. ये अमर को हमारे तरफ से शुभकामनाएँ. मोनम ख़ान, नई दिल्ली

यह सुनने में अच्छा है. अगर उसके पिता सोचते हैं कि यह सही क़दम है, तो ऐसा नहीं है. मुझे लगता है कि शादी नहीं चलेगी. मेरी सलाह है कि क़ानून को इस मामले में दख़ल देकर शादी रुकवा देनी चाहिए. उषा, कनाडा

अमर का यह क़दम साहसिक है. इस शादी से एक विकलांग लड़की को जीवन का सुख मिलेगा. अमर को दोनों पत्नी को समान रूप से सम्मान और प्यार देना चाहिए. मेरी तरफ से उन्हें हार्दिक बधाई. विमल कुमार सिंह, बिहार

मैं इस शादी का समर्थन नहीं करता, क्योंकि परिवार एक विकलांग लड़की को जीवन भर के लिए किसी पर बोझ बना देना चाहती है. अच्छा होता उसे अपने पैरों पर खड़ा करने की कोशिश की जाती. इसकी कोई गारंटी नहीं कि उसका पति हमेशा उसका ख़्याल रखेगा. फिर भी मैं उनके सुखी वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामना देता हूँ. प्रेम राज, अमरीका

शादी नहीं चलेगी

 यह सुनने में अच्छा है. अगर उसके पिता सोचते हैं कि यह सही क़दम है, तो ऐसा नहीं है. मुझे लगता है कि शादी नहीं चलेगी. मेरी सलाह है कि क़ानून को इस मामले में दख़ल देकर शादी रुकवा देनी चाहिए.

उषा, कनाडा

मेरे विचार से अमर ने बड़ा फ़ैसला किया है. वास्तव में वे एक महान व्यक्ति हैं. मोहम्मद आसिफ़, कुवैत

अमर वर्मा का फ़ैसला बिल्कुल सही है. मेरी शुभकामना आपके साथ है. ख़ुदा आपको हमेशा ख़ुश रखे.नदीम ख़ान, सऊदी अरब

अमर का फ़ैसला बहुत सही है. उम्मीद की जानी चाहिए कि वह अपने संबंध दोनों लड़कियों के साथ अच्छे रखेंगे. वक़ार अहमद, शारजाह

मैं इस फ़ैसले का हार्दिक समर्थन करता हूँ क्योंकि ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जो एक विकलांग लड़की को जीवन साथी के रूप में स्वीकार करने के लिए तैयार हों. अमर वर्मा ने यह फ़ैसला करके बहुत अच्छा काम किया है. हम उनके सुखद विवाहित जीवन की कामना करते हैं. साथ ही अमर वर्मा से गुज़ारिश भी है कि वह प्रीति का ख़ास ख़याल रखें. राजेश दुग्गल, नई दिल्ली

बदलाव हों

 इस तरह के विवाहों को बढ़ावा देने के लिए हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव होना चाहिए. साथ ही यह प्रीति और रागिनी पर निर्भर करेगा कि वे किस तरह निबाह करती हैं.

विनोद कुमार, अमरीका

यह समाज के लिए बहुत अच्छी मिसाल है कि ज़रूरतमंदों की मदद किस तरह की जा सकती है. पुरोहित, संयुक्त अरब अमीरात

यह किसी विकलांग लड़की और ग़रीब परिवार की मदद करने का बहुत अच्छा रास्ता है. सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए. रघुनंदन, न्यूज़ीलैंड

शादी करना अच्छी बात है. अमर वर्मा एक अच्छे इंसान हैं. यह उनका एक अच्छा फ़ैसला है. सुरेंद्र गंगन, मुंबई

यह बहुत ही अच्छा फ़ैसला है. ईश्वर अमर वर्मा और उनके परिवार को सुखी रखे. अतुल गर्ग, दुबई

रामस्वरूप वर्मा का यह समझदारी का फ़ैसला है. इससे उनकी विकलांग बेटी की देखभाल ठीक तरह से हो सकेगी. प्रद्युम्न, खड़गपुर, भारत

अगर दोनों बहनें अपने एक ही पति के साथ ख़ुश रहने के लिए तैयार हैं तो इस फ़ैसले में कोई बुराई नहीं है. बिल्लू, अमरीका

यह अमर वर्मा का बहुत सही फ़ैसला है. मेरे ख़याल में अमर वर्मा एक बहुत ही अच्छे इंसान हैं. राजीव कुमार सिंह, लखनऊ, योगेंद्र सिंह, थाइलैंड

ग़लत है

 मेरे ख़याल में यह ग़लत है. दो बहनों की एक ही व्यक्ति से शादी की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए.

अनुपमा, आगरा

इस तरह के विवाहों को बढ़ावा देने के लिए हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव होना चाहिए. साथ ही यह प्रीति और रागिनी पर निर्भर करेगा कि वे किस तरह निबाह करती हैं. अगर वे दोनों इस शादी में निबाहने के लिए तैयार हैं तो यह एक बहुत ही अच्छा फ़ैसला है. विनोद कुमार, अमरीका

मेरे ख़याल में यह ग़लत है. दो बहनों की एक ही व्यक्ति से शादी की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए. अनुपमा, आगरा

यह बिल्कुल ग़लत है. हिंदू विवाह अधिनियम इसकी इजाज़त नहीं देता है. विकलांग लड़की से भी शादी करने के लिए कोई भी युवक आगे आ सकता है. यह फ़ैसला बिल्कुल ही ग़लत है. संजीव, कनाडा

यह एक इन्सानियत से भरा हुआ फ़ैसला है और मैं अमर वर्मा को इस फ़ैसले के लिए बधाई देता हूँ. कुलदीप, टोरंटो, कनाडा

यह तो ठीक है लेकिन इस से भी बड़ी बात ये है कि अगर कोई और उस विकलांग लड़की का हाथ थामने के लिए आगे आए. बलजीत लक्ष्मण, कनाडा

मेरे ख़याल में यह एक बहुत ही अच्छा फ़ैसला है क्योंकि भारत जैसे देश में विकलांग लड़की के लिए वर तलाशना एक बहुत ही मुश्किल काम है. डॉक्टर टी सिंह, कैलीफ़ोर्निया, अमरीका

कोई और आगे आए

 यह ठीक नहीं है. विकलांग लड़की के साथ किसी और को शादी करनी चाहिए.

नवदीप सिद्धू

यह बहुत अच्छा और सुख-दुख बाँटने वाला फ़ैसला तो है मगर ब्याह के बाद कोई समस्या खड़ी ना हो उसके लिए कुछ इंतज़ाम करना चाहिए. शिराज़, पाकिस्तान

यह ठीक नहीं है. विकलांग लड़की के साथ किसी और को शादी करनी चाहिए. नवदीप सिद्धू, कनाडा

भारत जैसे देश में इस तरह के फ़ैसले करना और उन्हें निभाना एक मुश्किल राह है. जब उनका परिवार बढ़ेगा तो उनके सामने बहुत सी मुश्किलें आएंगी. पश्चिमी देशों के मुक़ाबले भारत में विकलांग अब भी बहुत वंचित हैं. इस नज़र से तो यह फ़ैसला बहुत सही है. राजेंद्र सिंह नेगी, अमरीका

यह फ़ैसला बहुत अच्छा है. इसमें कोई बुराई नहीं है. किसी की ज़िंदगी में कभी तो ख़ुशी आनी ही चाहिए. इसमें लड़के के घर वालों की सहमति है इसलिए कोई बुरी बात नहीं है और अगर सहमति नहीं भी हो तो भी कोई बुरी बात नहीं है. दिनेश कुमार सैनी, कुवैत

यह बहुत ही प्रेरणा वाला फ़ैसला है. अहसान अली, कुवैत

कोई गुनाह नहीं

 विकलांग होना कोई गुनाह नहीं है. मैंने ख़ुद एक विकलांग से शादी की है और आज मैं अपने फ़ैसले से बहुत ख़ुश हूँ.

जुज़ैर हुसैन, कुवैत

दो बहनों से शादी अच्छी बात तो नहीं है लेकिन इस से समाज में रहने वालों को सबक़ सीखना चाहिए ताकि विकलांगों के साथ पूरा पूरा इंसाफ़ हो सके. उन्हें भी जीने का पूरा हक़ है. एसए नवाब, कुवैत

नहीं, यह बिल्कुल ग़लत फ़ैसला है. इसमें किसी और को पहल करनी चाहिए क्योंकि विकलांग होना कोई गुनाह नहीं है. मैंने ख़ुद एक विकलांग से शादी की है और आज मैं अपने फ़ैसले से बहुत ख़ुश हूँ. जुज़ैर हुसैन, कुवैत

बहुत ही अच्छा फ़ैसला है. अमर वर्मा जैसे और युवकों को आगे आना चाहिए और विकलांगों के प्रति सहानुभूति दिखानी चाहिए. चंदन सोनकर, वाराणसी

लड़कियाँ और उनका पिता सब बेवकूफ़ हैं. अगर दोनों बहनें एक ही व्यक्ति से शादी करेंगी तो वे ख़ुश कैसे रह सकती हैं. मेरे ख़याल में वे सब अनपढ़ और नासमझ लोग हैं. अनुज सेजरा, अमरीका

अगर दोनों बहनें और उनका पति ख़ुश रह सकते हैं तो इस फ़ैसले में कोई बुराई नहीं है. किरणदीप सिंह बैंस, कनाडा

भारत जैसे देश में अभी सामाजिक संरक्षण की वैसी व्यवस्था नहीं है जैसी कि पश्चिम के देशों में है. विकलांगों की समस्या तो ख़ासतौर पर पड़ी विकट है. इस नज़रिए से इस मामले को केवल कौतूहल की दृष्टि से देखना सही नहीं होगा. यह एक आम आदमी का निजी मामला है. न्यायसंगत हो या ना हो तर्कसंगत तो ज़रूर है और उपहास की बात तो बिल्कुल नहीं है. आशुतोष कौल, कनाडा

मुझे तो इसमें कोई समस्या नज़र नहीं आती. कई बहनें साथ ही रहना चाहती हैं. मैं भी दो पत्नियाँ चाहता हूँ लेकिन है एक ही. मैंने एक जापानी लड़की से शादी की है और मैं उससे बहुत प्यार करता हूँ. सिंह लाल, ओसाका, जापान

मैं मानता हूँ कि यह एक बड़ा उदाहरण है. विकलांगों को सहानुभूति की ज़रूरत है. रमेश बी वाढेर, दुबई

यह बहुत अच्छा फ़ैसला है. इससे व्यक्ति की उदारता का पता चलता है. विकलांग लड़की की भी शादी होनी चाहिए. और अगर बहन के पति से ही हो जाए तो कोई हर्ज नहीं है. डॉक्टर अजय मोहन सिंह, सऊदी अरब

मुझे लगता है इससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी. इस तरह की मदद की सबको ज़रूरत पड़ सकती है. मनोज कुमार, खड़गपुर

मेरे विचार से यह ग़लत है. किसी और युवक को आगे आना चाहिए. रामकृष्ण, लखनऊ

यह एक अच्छा फ़ैसला है. धनंजय सिंह, भारत,

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