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अबू सालेम पुर्तगाल की अदालत में पेश
मुंबई बम कांड के एक प्रमुख अभियुक्त अबू सालेम फ़र्जी दस्तावेजों के मामले में बुधवार को पुर्तगाल की एक अदालत में पेश हुए. वहीं भारत के अनुरोध पर दो हफ़्ते पहले ही पुर्तगाल की एक अन्य अदालत में अबू सालेम के प्रत्यर्पण को लेकर विचार शुरू हुआ है. पुर्तगाली पुलिस अधिकारियों ने इंटरपोल की ओर से गिरफ़्तारी वारंट आने के बाद सालेम को उनकी मित्र और हिंदी फ़िल्मों में काम कर चुकी मोनिका बेदी के साथ सितंबर 2002 में गिरफ़्तार किया था. दोनों पर फ़र्जी पहचान पत्र रखने का आरोप लगाया गया था. उसके बाद से ही भारत ने पुर्तगाल से सालेम के प्रत्यर्पण का अनुरोध कर रखा है. उन पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई में 1993 में एक के बाद एक हुए बम धमाकों में प्रमुख भूमिका निभाई थी. उन धमाकों में 257 लोग मारे गए थे और 1000 से भी अधिक लोग घायल हो गए थे. अब अगर सालेम को धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाया जाता है तो पहले तो उन्हें पुर्तगाल की जेल में सज़ा काटनी होगी और उसके बाद ही वह भारत को प्रत्यर्पित किए जा सकेंगे. इन आरोपों के सिद्ध होने के बाद उन्हें जेल में आठ साल तक बिताने पड़ सकते हैं. प्रत्यर्पण का मामला पुर्तगाल के सुप्रीम कोर्ट ने इस माह की शुरुआत में एक अन्य मामला शुरू करके प्रत्यर्पण की माँग पर सुनवाई शुरू की. पुर्तगाल और भारत के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है और मामला इसलिए भी कुछ हद तक उलझ गया है क्योंकि पुर्तगाल किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को उस देश को नहीं सौंपता जहाँ उसे मौत की सज़ा दी जा सकती हो. |
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