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उम्मीदवार अब अधिक ख़र्च कर सकेंगे
भारत सरकार ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चुनाव ख़र्च की सीमा बढ़ा दी है. लोकसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अब 15 लाख की जगह 25 लाख रूपए तक ख़र्च कर सकते हैं. इसी तरह विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार अब छह लाख के बजाए 10 लाख रूपए तक ख़र्च कर सकते हैं. मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक बैठक में ये सीमा बढ़ाने का फ़ैसला किया गया. समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया है कि सरकार ने चुनाव आयोग से सलाह-मशविरे के बाद ये फ़ैसला किया है. एजेंसी के अनुसार चुनाव आयोग ने ख़र्च बढ़ाए जाने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी जिसके बाद सरकार ने नई सीमा तय की. ख़र्च पर बहस भारत में चुनाव में होने वाले ख़र्चों पर लंबे समय से बहस चलती रही है. ऐसा कहा जाता रहा है कि बेतहाशा ख़र्च के कारण चुनावों में काले धन और अपराध का दबदबा बढ़ता जा रहा है. इन्हीं आरोपों के बाद 1998 में उम्मीदवारों के लिए लोकसभा चुनाव में 15 लाख और विधानसभा चुनाव में छह लाख रूपए की सीमा तय कर दी गई थी. मगर राजनीतिक दलों का कहना था कि ये राशि काफ़ी कम है और इसे बढ़ाया जाना चाहिए. ज़मानत राशि सरकार ने चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों की ज़मानत की रकम भी दोगुनी कर दी है. अब चुनाव लड़ने के लिए उन्हें 10 हज़ार रूपए की जगह 20 हज़ार रूपए देने होंगे. अनुसूचित जाति और जनजाति के उम्मीदवारों के लिए ये राशि पाँच हज़ार से बढ़ाकर 10 हज़ार कर दी गई है. सरकार ने ये क़दम चुनाव में फ़र्ज़ी उम्मीदवारों की संख्या पर लगाम लगाने और मतपत्रों के आकार को सीमित रखने के लिए उठाया है. |
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