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दक्षिण एशिया में स्वच्छता पर सम्मेलन
दक्षिण एशिया के देशों में साफ़-सफ़ाई के मुद्दे पर विचार करने के लिए सोमवार को बांग्लादेश में एक सम्मेलन हो रहा है. साफ़-सफ़ाई की कमी और गंदगी से होने वाली बीमारियों की वजह से दक्षिण एशिया क्षेत्र में लाखों बच्चों की मौत हो जाती है. इस सम्मेलन में इसी मुद्दे पर विचार होगा जिसमें दक्षिण एशियाई देशों के नेता और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं. साफ़-सफ़ाई पर इस दक्षिण एशियाई सम्मेलन के आयोजकों का कहना है कि क्षेत्र के ग़रीब लोगों को बेहतर सुविधाएँ नहीं मिल पाती और इस पर गंभीरता से विचार करने की ज़रूरत है. बीबीसी संवाददाता एलेस्टर लासन के मुताबिक़ सम्मेलन में आगाह किया जाएगा कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं. सम्मेलन में शामिल होने के लिए आए प्रतिनिधियों का मानना है कि गंदगी के कारण बीमारी फैलने का ख़तरा हमेशा ही बना रहता है और पर्यावरण संकट भी पैदा हो जाता है. वजह
प्रतिनिधियों का कहना है कि इलाक़े की बढ़ती हुई आबादी भी इसकी एक प्रमुख वजह है. सम्मेलन की मेज़बानी कर रहे बांग्लादेश की हालत भी किसी से छिपी नहीं है. यहाँ हरदिन डायरिया के कारण पाँच वर्ष से कम आयु के 342 बच्चों की मौत हो जाती है और डायरिया गंदगी से ही होता है. सम्मेलन के संयोजक रयान नॉक्स के अनुसार, "दक्षिण एशिया की 39 प्रतिशत आबादी साफ़-सफ़ाई की सुविधाओं से महरूम है जिसका लोगों के स्वास्थ्य पर उलटा असर होता है और डायरिया और टॉयफ़ायड जैसी बीमारियाँ हो जाती है." लेकिन दक्षिण एशिया की बढ़ती आबादी के बीच स्वच्छता बनाए रखने में करोड़ों रुपए चाहिए. सम्मेलन के आयोजकों का मानना है कि ख़र्च भले ही ज़्यादा हो लेकिन इसकी सख़्त आवश्यकता है. |
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