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'दाऊद इब्राहीम पाकिस्तान में नहीं'
अमरीका ने माफ़िया सरगना दाऊद इब्राहीम का नाम 'विशेष अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों' की सूची में डाल दिया है. अमरीकी वित्त मंत्रालय का कहना है कि दाऊद इब्राहीम कराची में रहते हैं और उनके पास पाकिस्तानी पासपोर्ट है, जिसका नंबर है जी-869537. लेकिन पाकिस्तान ने दाऊद के सरकारी शह पर वहाँ होने से साफ़ इनकार किया है. भारत अमरीका के इस क़दम का स्वागत कर चुका है. अब इसके बाद अमरीका संयुक्त राष्ट्र से अनुरोध करेगा कि वह सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत दाऊद को अपनी सूची में डाल ले. भारत सरकार लंबे समय से पाकिस्तान पर यह आरोप लगाती रही है कि उसने मुंबई बम विस्फोटों के प्रमुख अभियुक्त दाऊद इब्राहीम को अपने यहाँ पनाह दे रखी है. लेकिन पाकिस्तान इससे इनकार करता है. 'दाऊद यहाँ नहीं'
उनका कहना था कि यदि अमरीका के पास उसके कराची में रहने के बारे में कोई ख़बर है तो उसे ये जानकारी पाकिस्तान को देनी चाहिए. उनका कहना था, "पाकिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ है. भारत-इसराइल गठजोड़ के बाद ऐसी ख़बरें तो आनी ही थीं." उनका कहना था कि पासपोर्ट तो कोई भी बनवा सकता है और हो सकता है कि कई अफ़ग़ानिस्ता के नागरिकों के पास भी पाकिस्तानी पासपोर्ट हों. उधर भारतीय विदेशमंत्रालय के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा, "इससे दाऊद इब्राहीम के आतंकवादी नेटवर्क और भारत को अस्थिर करने के इरादों की पुष्टि होती है. प्रवक्ता ने पाकिस्तान से भारत की यह माँग भी दोहराई कि दाऊद इब्राहीम को भारत को सौंप दिया जाना चाहिए ताकि उन पर मुक़दमे चलाए जा सकें.
"हम अन्य देशों से भी अपील करते हैं कि वे दाऊद इब्राहीम को अपने यहाँ से निकाल दें और अपने यहाँ आने-जाने की इजाज़त नहीं दें." संपत्ति सील अमरीकी वित्त मंत्रालय की इस घोषणा के बाद अमरीका में दाऊद इब्राहीम की संपत्ति सील कर दी जाएगी. अगर संयुक्त राष्ट्र अमरीका का अनुरोध मान लेता है तो सभी सदस्य देश भी दाऊद की संपत्ति सील कर सकते हैं और उनकी यात्रा पर भी पाबंदी लगाई जा सकती है. अमरीकी वित्त मंत्रालय ने अभी तक 322 लोगों और संगठनों को इस सूची में रखा है और 13 करोड़ों 68 लाख डॉलर की संपत्ति सील की है.
आतंकवादियों को वित्तीय सहायता और वित्तीय अपराध मामलों की सहायक मंत्री जुआन ज़राटे ने कहा, "ऐसी घोषणा से हमारी वह प्रतिबद्धता ज़ाहिर होती है, जिसमें हम माफ़िया और आतंकवाद के बीच वित्तीय गठजोड़ को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं." उन्होंने कहा, "हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हैं कि वह इस तरह की वित्तीय सहायता पर रोक लगाए. इब्राहीम और आतंकवाद के उनके नेटवर्क से ही उनका आपराधिक कारोबार चलता है." भारत सरकार को मुंबई में मार्च 1993 में हुए कई बम विस्फोटों के सिलसिले में दाऊद इब्राहीम की तलाश है. ग़ौरतलब है कि छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने के बाद देश के अनेक हिस्सों में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे. उन्हीं दंगों के दौरान मार्च 1993 में मुंबई में की बम विस्फोट हुए थे. |
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