नाज़ुक हाथों में बग़ावत के लिए बंदूक़े

हूती विद्रोहियों में बड़े पैमाने पर औरतें शामिल.

हूती विद्रोही

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, यमन के हूती विद्रोहियों में महिलाएं बड़े पैमाने पर शामिल हैं.
हूती विद्रोही

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, राजधानी सना के परेड में औरतों हिस्सा लिया और संघर्ष के साथ एकजुटता दिखाई.
हूती विद्रोही

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, जनवरी 2015 में शिया हूती विद्रोहियों ने यमन की राजधानी सना पर क़ब्ज़ा कर लिया था जिसके बाद से देश में गृह युद्ध शुरू हो गया था.
हूती विद्रोही

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार यमन में छिड़े इस गृह युद्ध में अब तक 6600 लोग मारे जा चुके हैं.
हूती विद्रोही

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, हूती विद्रोहियों का कहना है कि वे राष्ट्रपति मंसूर हादी की सरकार को हटाना चाहते हैं जो उनके मुताबिक़ भ्रष्ट है.
हूती विद्रोही

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, हूती विद्रोहियों को सेना के उस धड़े का समर्थन हासिल है जो पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह का वफादार है.
हूती विद्रोही

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, विद्रोहियों और सरकार के बीच संघर्ष को शिया ईरान और सुन्नी सऊदी अरब के बीच क्षेत्रीय सत्ता संघर्ष के रूप में देखा जा रहा है.
हूती विद्रोही

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, यह समीकरण उस वक़्त और पेचीदा हो गया जब इस्लामिक स्टेट ने अलक़ायदा को इस क्षेत्र में प्रभावहीन करने के लिए यमन में कई आत्मघाती हमले किए. अलक़ायदा राष्ट्रपति मंसूर हादी और हूती विद्रोहियों, दोनों के ख़िलाफ़ है.
हूती विद्रोही

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, हूती विद्रोही अंसार अल्लाह (ख़ुदा के समर्थक) गुट के सदस्य हैं जो शिया मुसलमानों के एक संप्रदाय ज़ैदी को मानता है. ज़ैदी यमन की आबादी में एक तिहाई हैं. उन्होंने उत्तरी यमन पर इमाम की शासन व्यवस्था के तहत 1962 तक क़रीब 1000 सालों तक शासन किया.
हूती विद्रोही

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, हूती विद्रोहियों ने अपना ये नाम हुसैन बद्र अल-दीन अल-हूती से लिया है जिन्होंने पहली बार 2004 में सदा प्रांत पर क़ब्जे के लिए की गई कोशिश में गुट की अगुवाई की थी. यह संघर्ष सुन्नी इस्लाम के दखल से ज़ैदी संप्रदाय और उसकी संस्कृति को बचाने के मकसद से किया गया था.