सेक्स वर्कर से व्यापारी बनने की कहानी
कभी नौकरी के झूठे वायदे में फांसकर तो कभी अपने ही पति के झांसे का शिकार हो हर साल लाखों औरतें देह व्यापार में धकेली जाती हैं.
एक बार कोठे में फंस जाने के बाद वो वहां से बाहर निकल भी आएं तो वापस अपने गांव या कस्बे में इज़्ज़त से गुज़र-बसर कर पाना एक बड़ी चुनौती होती है.
पैसे कमाना आज़ादी का नहीं बदनामी से निकलने का रास्ता बनता है.
कोलकाता में एक समाजसेवी संस्था ऐसी औरतों को अपना बिसनेस लगाने के लिए निवेष के पैसे दे रही है.
कितनी बदल पाई है इससे उनकी ज़िंदगी? यही जानने कोलकाता में इनसे मिलने पहुंची बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य.