4 रुपए में एक मछली!

सिएरा लियोन में 2 लाख 30 हज़ार लोग मछली मारने के काम में लगे हैं.

तोम्बो बंदरगाह, मछुआरे
इमेज कैप्शन, विश्व बैंक ने हाल ही में इस बात की घोषणा की है कि वो सिएरा लियोन के मत्स्य उद्योग में चालीस लाख अमरीकी डॉलर का निवेश करेगा. सियरा लियोन के मत्स्य उद्योग से दो लाख 30 हज़ार लोगों को रोज़गार मिलता है. फ़ोटोग्राफर ओलीविया ने तोम्बो बंदरगाह पर एक मछुआरे पीपर के साथ पूरा दिन बिताया. तोम्बो सियरा लियोन का मस्त्य उद्योग से जुड़ा सबसे बड़ा बंदरगाह है. यहां एक हज़ार मछुआरे रहते हैं.
तोम्बो बंदरगाह, मछुआरे
इमेज कैप्शन, पीपर भी अपने पिता की तरह मछुआरे हैं. पीपर बताते हैं, "साल के इस व़क्त में हम रविवार को छोड़कर हर दिन काम करते हैं. हम सुबह चार-साढ़े चार बजे घर से निकल जाते हैं और दोपहर बाद घर लौटते हैं. लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि हमने कितनी मछलियां पकड़ी हैं. अगर हमने पर्याप्त मछलियां नहीं पकड़ी हैं तो हमें शाम तक वहां रहना पड़ सकता है."
तोम्बो बंदरगाह, मछुआरे
इमेज कैप्शन, पीपर कहते हैं, " रात के समय चट्टानें बहुत बड़ी समस्या है- कभी हमारे जाल चट्टानों में फंसकर फट जाते हैं. इससे हमें नुक़सान उठाना पड़ता है. जालों को दुरुस्त करने में बड़ा समय लगता है."
तोम्बो बंदरगाह, मछुआरे
इमेज कैप्शन, पीपर अपने दल के साथ सुबह साढ़े चार बजे समुद्र में पहुंच जाते हैं. उन्होंने कहा, "हमारी नाव में तीन लोग होते हैं. हम समुद्र में जाकर जाल बिछाते हैं और फिर वापस आकर सात बजे तक सो जाते हैं."
तोम्बो बंदरगाह, मछुआरे
इमेज कैप्शन, मछली पकड़ने के बाद नावें जैसे ही किनारे पहुंचती हैं, ख़रीदार मछली खरीदने के लिए दौड़ पड़ते हैं.
तोम्बो बंदरगाह, मछुआरे
इमेज कैप्शन, पीपर कहते हैं, "कोई दिन अच्छा होता है तो कोई दिन खराब. कभी हम ढेर सारी मछलियां पकड़ लाते हैं जैसे आज और कभी खाली हाथ भी लौटना पड़ता है. लेकिन इसमें ईंधन, उपकरण और नाव की मरम्मत का भी ख़र्चा आता है."
तोम्बो बंदरगाह, मछुआरे
इमेज कैप्शन, आज बोंगा मछली ज़्यादा पकड़ी गई हैं. एक दर्जन बोंगा मछली एक औरत को 3000 लियोंस में बेचा गया है जो कि लगभग 47 रुपए के बराबर है.
तोम्बो बंदरगाह, मछुआरे
इमेज कैप्शन, समुद्र में और मछली बेचने के काम से 10 घंटे बिताने के बाद पीपर समुद्र में नहाते हैं.
तोम्बो बंदरगाह, मछुआरे
इमेज कैप्शन, पीपर के परिवार में पत्नी और एक बेटा है. वो बताते हैं, "बरसात के दिनों में मछली मारना ख़तरनाक होता है. हम अगस्त में शायद ही मछली पकड़ने जाते हैं. तेज़ बारिश और तूफ़ान की वजह से समुद्र में ख़तरा रहता है."