महात्मा गांधी की वो अंतिम यात्रा
30 जनवरी, 1948 को भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.
पूरा भारत इस ख़बर को सुनकर अवाक रह गया था.
अगले दिन उनकी शव यात्रा में समाज के हर वर्ग के करीब दस लाख लोगों ने भाग लिया था.
विवेचना में रेहान फ़ज़ल याद कर रहे हैं महात्मा गाँधी की उस शव यात्रा को.