इराक़ में इस्लामिक स्टेट का क़हर

इराक़ के दूसरे सबसे बड़े शहर मूसल पर इस्लामिक स्टेट के क़ब्ज़े को एक साल पूरा हो चुका है और पिछले साल जून से अक्तूबर के बीच का वहाँ का कुछ फ़ुटेज बीबीसी को मिला है.

इसे देखकर पता चलता है कि इस्लामिक स्टेट ने किस तरह दहशत और विध्वंस के ज़रिए अपना शासन बरक़रार रखा है.

स्थानीय कार्यकर्ताओं ने जान को ख़तरे में डालकर ये पूरा दृश्य शूट किया है.

चरमपंथी इतिहास के साथ-साथ भविष्य को भी नकारने में लगे हैं. दुकानों में यहाँ तक कि पुतलों को भी बुर्क़े में रखा गया है. महिलाओं को सिर से लेकर पैर तक ढँका होना चाहिए.

ईसाइयों के घरों पर क़ब्ज़ा हो चुका है और उस पर ताले लगे हैं. लिखा है- इस्लामिक स्टेट की संपत्ति.

चरमपंथी आम लोगों के बीच छिपकर रहते हैं. जैसे इस पुल के नीचे उन्होंने शरणगाह बना रखी है. यहीं से वे विमानों को निशाना बनाते हैं और

टैंकों के साथ ही बाक़ी भारी हथियारों को छिपाकर रखते हैं, जिससे वे अमरीकी नेतृत्त्व वाली फ़ौजों का शिकार होने से बच सकें.

मूसल पर इस्लामिक स्टेट के क़ब्ज़े को एक साल हो चुका है और लोग अब भी उनके मौत के शिकंजे में फँसे हुए हैं.