सवा दो करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं मुंबई शहर में.
इमेज कैप्शन, सवा दो करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं मुंबई शहर में. आबादी के घनत्व के लिहाज से इसे दुनिया के सबसे बड़े शहरों में शुमार किया जाता है.
इमेज कैप्शन, शहर की गगनचुंबी इमारतों से लेकर पुराने रिहाइशी घरों और गरीबों की झुग्गी झोपड़ियों की खिड़कियां इनमें रहने वालों की आर्थिक स्थिति, उनके रहन-सहन की एक झलक दिखला जाती हैं.
इमेज कैप्शन, रहने के लिए मिलने वाली किराये की जगहों में भी बड़ा फासला है. जो महंगा है, उसके लिए महीने के ही लाखों लग जाते हैं और जो सस्ता है, वह कुछ सौ में महीने भर के लिए मिल जाता है.
इमेज कैप्शन, खरीदने की बात करें तो लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक गिनने पड़ सकते हैं. और उनका किराया भी उनके स्टैंडर्ड के हिसाब से ऊपर-नीचे हो सकता है.
इमेज कैप्शन, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को इस बात की शिकायत रहती है कि मुंबई जैसे बड़े शहरों में बड़ी तादाद में ऐसे घर हैं जिनमें कोई नहीं रहता है या फिर वे बिके ही नहीं है लेकिन इसके बावजूद जेब के दायरे में आने वाले घरों की कमी है.
इमेज कैप्शन, शहर की आबादी का एक बड़ा हिस्सा महीने में 20 हज़ार रुपये से कम कमाता है लेकिन अफ़ोर्डेबल हाउसिंग के नाम पर बनाए गए सरकारी घर में इस तबके की पहुंच से काफी दूर हैं.