जीवन के छोटे छोटे कामों में भी बाघ के हमले का ख़तरा बना रहता है.
इमेज कैप्शन, भारत और बांग्लादेश के सुंदरवन डेल्टा में फैले जंगलों में बड़ी तादाद में लोग बाघ का शिकार हो रहे हैं.
इमेज कैप्शन, लोग आजीविका के लिए मछली पकड़ते हैं और शहद इकट्ठा करते हैं. इसी क्रम में उनका सामना बाघ से हो जाता है. सावित्री मंडल के पति दो साल पहले बाघ का शिकार बन गए थे.
इमेज कैप्शन, उषा रानी के पति जंगल जाने से बचते थे. वे जिस दिन पहली बार मछली पकड़ने गए, बाघ ने हमला कर उन्हें मार दिया.
इमेज कैप्शन, अनाथ सील बाघ के हमले को याद करते हैं, "बाघ मुझ पर झपटा तो मैंने लाठी से रोकने की कोशिश की, वह टूट गई. बाघ ने मुझे पंजे से ज़ोर से मारा और मेरा सिर पकड़ लिया."
इमेज कैप्शन, रंजीत विश्वास भी ऐसे ही हमले में ज़िंदा बच गए थे. वे बताते हैं, "मैं लकड़ी काट रहा था जब बाघ आया और मेरे पीछे अपना मुंह लगा दिया. वह मेरे ऊपर था और मैं ज़मीन पर उसके नीचे."
इमेज कैप्शन, 63 वर्षीय रबि मजूमदार कहते हैं, "बाघ मुझ पर झपटा और खींच कर ले जाने लगा. मेरी आंखों के सामने अंधेरा छा गया, क्योंकि मेरा सिर उसके मुंह के अंदर था"
इमेज कैप्शन, अपने पति को बाघ हमले में खोने वाली लक्ष्मी धाली को अब अपने बच्चों की चिंता है. वे कहती हैं, "मेरे पति छह साल पहले बाघ का शिकार बन गए. मैं अपने बच्चे को पढ़ा नहीं पाई, वह जब मछली पकड़ने जाता है, मैं सो नहीं पाती हूं.".
इमेज कैप्शन, अभिजीत धाली बाघ हमले में अपने पिता की मौत के बाद परिवार के एकमात्र पुरुष सदस्य हैं. वे कहते हैं, "मैं डरते हुए मछली पकड़ने जाता हूँ लेकिन मेरे पास कोई विकल्प नहीं है. समुद्र में पानी का स्तर बढ़ने से खारा पानी गांव में घुस जाता है, ज़मीन खेती लायक नहीं रहती. मछली पकड़ने पर निर्भर रहना हमारी मज़बूरी है".
इमेज कैप्शन, मिनती राय के पति की पंद्रह साल पहले बाघ हमले में मौत हो गई थी. वो कहती हैं, "अधिकारियों का कहना है कि जंगल बचाना ज़रूरी है, जंगल नहीं रहेगा तो जीवन भी नहीं रहेगा."
इमेज कैप्शन, सोसाइटी ऑफ़ हेरीटेज एंड इकोलॉजी के निदेशक जयदीप कुंडू कहते हैं, "बाघों को हटा देने से लोग लकड़ी काटने से लेकर तमाम तरह के ग़ैरक़ानूनी काम करने लगेंगे."