म्यांमार के नगा लोगों की ज़िंदगी कई मायनों में दिलचस्प है.
इमेज कैप्शन, भारत के नगा जनजाति के लोग मुख्यतः नगालैंड में रहते हैं, लेकिन पड़ोसी देश म्यांमार में भी इस जनजाति की एक बड़ी आबादी रहती है. बर्मा के उत्तर-पश्चिमी इलाके में नगा स्वशासित ज़ोन बनाया गया है जहां नगा जनजाति के लोग रहते हैं.
इमेज कैप्शन, भारत की सीमा से लगे म्यांमार के इस पर्वतीय इलाके में नगा समुदाय के वे लोग रहते हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि वे ऐतिहासिक रूप से लड़ाके हैं. कहा जाता है कि ये लोग अपने दुश्मन का सिर काटने के बाद उसे रख लेते हैं.
इमेज कैप्शन, म्यांमार के सागयांग डिवीज़न में बने इस नगा स्वशासित इलाके में रहने वालों की संख्या तकरीबन एक लाख 20 हज़ार के करीब है. म्यांमार के नगा लोग मुख्यतः इसाई धर्म को मानते हैं.
इमेज कैप्शन, इनकी ज़िंदगी मुख्यतः खेती और शिकार पर निर्भर है. शिकार पर जाते समय इनके दल में तीन से दस सदस्य तक होते हैं.
इमेज कैप्शन, पारंपरिक रूप से नगा लोग मछलियां पकड़ने के लिए जाल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन मछलियां मारने के लिए वे एक तरह की विषैली वनस्पति का भी सहारा लेते हैं. इससे मछलियां खुद तैरते हुए पानी के ऊपर आ जाती हैं. आजकल वे घर पर तैयार किए गए विस्फोटक भी प्रयोग करते हैं, जिन्हें पानी में फेंक दिया जाता है.
इमेज कैप्शन, हालांकि, सांस्कृतिक बदलाव अब देखने में आ रहे हैं जैसे कि नगा लोगों की नौजवान पीढ़ी पारंपरिक कपड़ों की जगह पर ट्राउजर पहने देखी जा सकती है.
इमेज कैप्शन, हालांकि चुनौतियां भी कम नहीं है, इनके रिहाइशों इलाकों तक सड़कों से नहीं पहुंचा जा सकता है. ये दर्जनों भाषाएं बोलते हैं और बर्मी इनकी सार्वजनिक भाषा है.