'हबीब का अंदाज़ ऋषि मुनियों जैसा था'

हबीब उन लोगों में से थे जिनके होने का एक मतलब होता था. पर अब जब हबीब नहीं हैं तो उनकी कौन सी बातें नगीन को सबसे ज़्यादा याद आती हैं.

नगीन कहती हैं, "उनका ध्यान एकदम से ऋषि मुनियों वाला था. उनके हाथों में बहुत उदारता थी. वह छूकर ही पता चल जाता था."

हबीब तनवीर की बेटी नगीन तनवीर के इंटरव्यू का तीसरा और अंतिम भाग देखें.