नेपाल में चल रहे गढ़ीमाई उत्सव की चुनिंदा तस्वीरें.
इमेज कैप्शन, देवी से अपनी मन्नत पूरी होने पर बलि देने का वादा करने वाले लोग अपने जानवर लेकर मेले में पहुँचे. बलि दिए जाने से पहले जानवरों की पूजा की गई.
इमेज कैप्शन, भारत से भी हज़ारों श्रद्धालु गढ़ीमाई उत्सव में शामिल होते हैं. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के जानवरों के सीमापार करने पर रोक लगाने के बाद इस साल भारत से बलि के लिए आने वाले जानवरों की संख्या में गिरावट आई है.
इमेज कैप्शन, जानवरों की बलि दिए जाने की शुरुआत सफ़ेद चूहे, सूअर, कबूतर, बत्तख़, मुर्गियों और भैंसों को देवी के समक्ष पेश किए जाने से होती है.
इमेज कैप्शन, मंदिर के आसपास दुकाने सजी हैं जिनमें जानवरों के क़त्ल के लिए चाकू, ख़ुकरी, कुल्हाड़े आदि हथियार बेचे जा रहे हैं.
इमेज कैप्शन, मंदिर प्रशासन से अनुमति प्राप्त लोग ही उत्सव के दौरान जानवरों की बलि दे सकते हैं.
इमेज कैप्शन, पशु अधिकार समूहों की आलोचना के बाद गढ़ीमाई उत्सव राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है. स्थानीय लोग परंपरा और संस्कृति में बाहरी दख़ल को लेकर ग़ुस्से में हैं.