प्रभाकरन: नायक या खलनायक?

वेलुपिल्लई प्रभाकरन का नाम आते ही किसी तरह की संतुलित प्रतिक्रिया की गुंजाइश लगभग ख़त्म हो जाती है.

कुछ लोगों की नज़र में वो एक ख़ूंख्वार आतंकवादी थे जिनकी नज़र में इंसानी जान की कोई कीमत नहीं थी तो कुछ लोगों ख़ास कर तमिल राष्ट्रवादियों की नज़र में वो एक महान योद्धा, स्वतंत्रता सेनानी और जननायक थे.

प्रभाकरन की 60 वीं वर्षगाँठ पर उनके जीवन से जुड़े कई पहलुओं को याद कर रहे हैं रेहान फ़ज़ल.

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