1890 के दशक से चल रही रेलगाड़ी..

ऑस्ट्रेलिया की पफिंग बिल्ली रेलवे की रोचक तस्वीरें.

puffing billy, ऑस्ट्रेलिया, पफिंग बिल्ली, भाप का इंजन, नैरो गेज
इमेज कैप्शन, दो सौ साल पहले दुनिया को ये पता चला कि भाप में बहुत ताकत होती है. और दुनिया ने औद्योगिक क्रांति की ओर कदम बढ़ाया. लेकिन इतिहास की किताबों से वक्त की धूल झाड़ने पर मालूम पड़ता है कि उस ज़माने में शुरू हुए भाप के इंजन से चलने वाली ज्यादातर रेलगाड़ियां अब बंद हो चुकी हैं.
puffing billy, ऑस्ट्रेलिया, पफिंग बिल्ली, भाप का इंजन, नैरो गेज
इमेज कैप्शन, भारत में भी आपने दार्जीलिंग, शिमला और कुछ जगहों पर भाप के इंजन से चलने वाली रेलगाड़ियां देखी होंगी, उनकी सैर का आनंद लिया होगा. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के एक कोने में औद्योगिक क्रांति की सौंधी सी सुगंध अब भी महसूस की जा सकती है.
puffing billy, ऑस्ट्रेलिया, पफिंग बिल्ली, भाप का इंजन, नैरो गेज
इमेज कैप्शन, मेलबॉर्न शहर के पूर्वी छोर पर डैंडेनोंग का खूबसूरत सा इलाका है जहां 'पफिंग बिल्ली' की छुक छुक अभी भी जारी है. यह ऑस्ट्रेलिया की आखिरी भाप से चलने वाली रेलगाड़ी है. यहां ऐसे लोग मिल जाएंगे जिन्होंने 'पफिंग बिल्ली' के साथ एक उम्र गुजारी है.
puffing billy, ऑस्ट्रेलिया, पफिंग बिल्ली, भाप का इंजन, नैरो गेज
इमेज कैप्शन, उनके सामने न केवल इंजन और उसके कल पुर्जों को बचाने की चुनौती है बल्कि विक्टोरियल रेलवे की परंपरा को भी बचाए रखने की जिम्मेदारी है. 'पफिंग बिल्ली' महज 29 किलोमीटर का सफर तय करती है लेकिन इस सफर में कोई एक उम्र जी लेता है.
puffing billy, ऑस्ट्रेलिया, पफिंग बिल्ली, भाप का इंजन, नैरो गेज
इमेज कैप्शन, 1890 के दशक में बने इस रेलवे को तैयार करने में कहते हैं कि 16 महीने का वक्त लगा था. खतरनाक मोड़ों से गुजरने वाली इस रेलगाड़ी की रफ्तार ज्यादा से ज्यादा 24 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड को छू सकती है अधिकतम रफ्तार से चलती है.
puffing billy, ऑस्ट्रेलिया, पफिंग बिल्ली, भाप का इंजन, नैरो गेज
इमेज कैप्शन, 1953 में एक भूस्खलन के बाद 'पफिंग बिल्ली' बंद कर दी गई थी. लेकिन लोगों के दबाव के बाद 1962 में इसे फिर से शुरू किया गया. वे चाहे हनीमून मनाने वाले हों या फिर सप्ताहांत की छुट्टियां मनाने वाले, यहां हर साल ढ़ाई लाख से भी ज्यादा लोग आते हैं.