एक संग्रहालय आदिवासियों के नाम

मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय देश की आदिवासी संस्कृति का अद्भुत केंद्र है.

मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय
इमेज कैप्शन, भोपाल स्थित मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय देश की आदिवासी संस्कृति और जनजातीय जीवन और कला का अद्भुत केंद्र है. इस संग्रहालय की विविध कलादीर्घाओं के माध्यम से जनजातीय जीवन शैली को देखा और महसूस किया जा सकता है.
मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय
इमेज कैप्शन, यहाँ प्रदर्शित सभी कलाकृतियां आदिवासियों द्वारा ही बनाई गई हैं. इस संग्रहालय का उद्देश्य जनजातीय जीवन शैली को समझना और उसे आम जनता तक पहुँचाना है.
मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय
इमेज कैप्शन, मुंडा जनजातीय समूह में आने वाले कोरकू समुदाय मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा, बेतुल, होशंगाबाद, खंडवा जिलों में रहते हैं. आमने सामने की क़तारों में बने कोरकू घरों के मोहल्लों को ढाबा कहते हैं.
मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय
इमेज कैप्शन, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के भरेवा, घड़वा, झारा समुदायों में घर की नई बहू को पीतल का एक कंगन दिया जाता है, जिस पर उर्वरा शक्ति के प्रतीक स्वरूप खेत में खड़ी फसल, वृक्ष, कुआँ, बावड़ी और जीवन चक्र से जुड़े अन्य प्रसंगों का जिक्र होता है. यह कड़ा हाथ में लेकर बहू बुआई के लिए बीज तैयार करती है.
मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय
इमेज कैप्शन, बाना गोंड जनजाति का ख़ास वाद्य यंत्र है. गोंड मिथक के अनुसार इसे बजाकर ही सबसे छोटे गोंड भाई ने नाराज़ होकर साजा के पेड़ में समा गए बड़ा देव को प्रसन्न किया था. कथा के अनुसार इस वाद्य को बनाने का पूरा विधान स्वयं बड़ा देव ने गोंड राजा को स्वप्न में बताया था. राजा ने उसे अपने छोटे भाई को बताया. छोटे भाई ने साजा वृक्ष की लकड़ी से ही यह वाद्य बनाया और साथ ही उसे बजाने की धनुषाकार हथौड़ी भी बनाई.
मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय
इमेज कैप्शन, संग्रहालय में आदिवासी बच्चों के खेलों पर अलग से कलादीर्घा बनाई गई है, जिसमें विभिन्न खेलों को शामिल किया गया है.
मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय
इमेज कैप्शन, अलीराजपुर क्षेत्र में कुछ गाँवों में रेसकुल पेड़ के नीचे टटल देवी का स्थान होता है. गाँव में किसी व्यक्ति अथवा जानवर का हाथ-पैर टूटने पर टटल देवी की मन्नत की जाती है. ठीक होने के बाद, इनके स्थान पर लकड़ी से बना हाथ या पाँव, काली चूड़ियां, मुर्गा आदि चढ़ाकर पूजा की जाती है.
मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय
इमेज कैप्शन, संग्रहालय के रख रखाव का विशेष ध्यान रखा जाता है. सभी दीर्घाओं की समय-समय पर लिपाई-पुताई की जाती है.
मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय
इमेज कैप्शन, कभी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ एक ही राज्य हुआ करते थे, अब एक दूसरे के पड़ोसी राज्य हैं. छत्तीसगढ़ सघन वनों वाला जनजातीय बहुल राज्य है. इन जातियों का एक बड़ा समूह बस्तर क्षेत्र में रहता है. मुरिया, माड़िया, हल्बा, भतरा, घुरवा, पनिका आदि कई जनजातियाँ प्राचीन समय से यहाँ रहती आई हैं. इस दीर्घा में बस्तर की जनजातीय संस्कृति को दर्शाया गया है.
मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय
इमेज कैप्शन, अतिथि दीर्घा में सबसे पहले छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदायों की संस्कृति को प्रस्तुत किया गया है. इस दीर्घा को जाने वाले गलियारे को सरगुजा के रजवार समुदाय के आँगन के रूप में प्रदर्शित किया गया है. (सभी तस्वीरें और कैप्शनः प्रीति मान)