हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी कई कलात्मक तरीक़े अपना रहे हैं.
इमेज कैप्शन, हांगकांग की सड़कें जहां ट्रैफिक नहीं है वहां खुले आसमान के नीचे ही आर्ट गैलरी लग गई है. इस छाते पर लिखे सीवाई का संबंध चीफ़ एक्जीक्युटीव सीवाई ल्युंग से हैं जो प्रदर्शनकारियों के नज़र में एक विलेन हैं. प्रदर्शनकारी सोचते हैं कि ल्युंग ने हांगकांग का सौदा कर लिया है. (सभी तस्वीरें और आलेख: बीबीसी संवाददाता जॉन सुडवर्थ)
इमेज कैप्शन, छतरी लिए हुए आदमी का यह बुत लोकतंत्र की देवी की याद दिलाता है जो कि बीजिंग के तिएनमेन स्क्वायर पर 1989 में हिंसक संघर्ष से पहले लगी हुई थी. ये बुत 12 फीट ऊंचा है और लकड़ी से बनाया गया है.
इमेज कैप्शन, छतरियों का ये कलात्मक स्वरूप 100 से ज़्यादा ख़राब छतरियों को एक साथ मिलाकर बनाया गया है. इसे एक साथ सीने में तीन दिन लगे. इस सड़क के एक किनारे से दूसरे किनारे तक टांगा गया है. इसके नीचे प्रदर्शनकारी बैठते हैं. फटे हुए भाग से थोड़ा बहुत खुला हुआ आसमान दिख रहा है.
इमेज कैप्शन, इस तस्वीर में बोतलों को सजाकर छतरी का रूप दिया गया है. यह भारी ट्रैफिक वाली आठ लेन की सड़क पर बनाया गया है.
इमेज कैप्शन, इस तस्वीर में ओरिगैमी आर्ट का नमूना दिखता है. छतरियों की यह कलाकृति सैकड़ों मुड़े हुए पेपरों से बनाई गई है. इसकी छांव में लोग बैठकर अख़बार पढ़ रहे हैं.
इमेज कैप्शन, कुछ कलाकृतियां कुछ ज़्यादा ही राजनीतिक हैं. इस पोस्टर में कुछ वरिष्ठ नेताओं और सरकारी अधिकारियों के चेहरे पर हिटलर जैसी मूंछें बना दी गई हैं और उनसे त्यागपत्र देने की मांग की गई है.
इमेज कैप्शन, यहाँ यह तय करना भी मुश्किल ही है कि क्या कला है और क्या नहीं है. जैसे इस तस्वीर में दिख रही साइकिल को ही लीजिए. यह एक सवारी है जिस पर एक नारा लिखा हुआ है या फिर कोई कलाकृति जिस पर सवारी भी की जा सकती है?
इमेज कैप्शन, इस राजनीतिक चित्र में एक वीडियो का फुटेज दिखाई दे रहा है जिसमें पुलिस वाले एक प्रदर्शनकारी को पीट रहे हैं. तस्वीर में सिर पर हरे रंग का वस्त्र पहने हुआ व्यक्ति एक प्राचीन चीनी साहित्यिक चरित्र है, जो कह रहा है, "ओह...तो खुला और भरोसेमंद का ये मतलब है!"
इमेज कैप्शन, शुरुआत में पुलिस द्वारा आंसू गैस के प्रयोग से विरोध प्रदर्शन शांत नहीं हुए बल्कि विरोध और उग्र हो गया. लेकिन इसमें हिंसा बहुत कम हुई है.
इमेज कैप्शन, ये कलाकृति बनाई है क्वीनी चैन ने. वह स्याही और वाटरकलर के प्रयोग से विरोध प्रदर्शन को दर्ज और अभिव्यक्त कर रही हैं. विरोध प्रदर्शन के बारे में वह कहती हैं, "ये हांगकांग के लोगों के लिए सचमुच ही बहुत ख़ास और ख़ूबसूरत लम्हा है."