अगर कहीं स्वर्ग है तो यहीं है...!

कश्मीर को उसकी ख़ूबसूरती और खानपान की विशिष्ट एवं समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है.

कश्मीर, डल झील
इमेज कैप्शन, कश्मीर के बारे में कहा गया है, "गर फिरदौस बर रूये ज़मी अस्त/ हमी अस्तो हमी अस्तो हमी अस्त" (धरती पर अगर कहीं स्वर्ग है, तो यहीं है, यहीं है, यही हैं).
कश्मीर, श्रीनगर, गोल्फ़ मैदान,
इमेज कैप्शन, मान्यता है कि कश्मीर का नाम कश्यप ऋषि के नाम पर रखा गया था. सुप्रसिद्ध कवि, नाटककार और इतिहासकार कल्हण रचित 'राजतरंगणी' में कश्मीर का इतिहास लिखा है. तस्वीर में श्रीनगर का गोल्फ का मैदान दिख रहा है जिसे भारत के सर्वश्रेष्ठ गोल्फ मैदानों में एक माना जाता है.
सेब का बागीचा, कश्मीर
इमेज कैप्शन, कश्मीर के सेब दुनिया में प्रसिद्ध हैं. सेब यहाँ के खानपान का अहम हिस्सा हैं. इसका प्रयोग केवल फल के रूप में नहीं बल्कि सब्जी, सूप या मीठे खाद्य पदार्थों में भी काफ़ी किया जाता है.
कश्मीर, हमाम
इमेज कैप्शन, यह तस्वीर है कश्मीरी हमाम की. बर्फ गिरने के दौरान इसी कमरे में कश्मीरी लोग सोते भी हैं. हमाम की परंपरा मुग़लों के ज़माने से शुरू हुई थी.
रोटी, कश्मीर, आदमी
इमेज कैप्शन, कश्मीर रोटी बनाने की दुकान को कांदरू कहते हैं. जहाँ कई प्रकार की रोटियाँ बनती हैं.
कश्मीर, चाय, रोटी
इमेज कैप्शन, कश्मीर में नमकीन चाय और रोटी सबेरे के नाश्ते के रूप में काफ़ी प्रचलित है.
कश्मीरी, बर्तन
इमेज कैप्शन, हमाम में खाना खाने से पहले और उसके बाद हाथ धोने के लिए तश्तरी और नारी का प्रयोग किया जाता है.
कश्मीरी भोजन
इमेज कैप्शन, कश्मीर में खाना खाने की थाली को तरामी कहते हैं. तरामी का आकार सामान्य थाली से काफ़ी बड़ा और अलग होता है.
कश्मीर, खाना खाते हुए नौजवान
इमेज कैप्शन, कश्मीरी हमाम में खाना खाने के बाद के बाद तश्तरी में हाथ धोता हुआ कश्मीरी युवक.