चाँद का मुंह टेढ़ा है

गजानन माधव 'मुक्तिबोध' के 99वें जन्मदिन पर देखिए उनकी कुछ दुर्लभ तस्वीरें.

गजानन माधव मुक्तिबोध

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इमेज कैप्शन, हिन्दी साहित्य में मुक्तिबोध का नाम कवि, कहानीकार और समीक्षक के तौर पर लिया जाता है. वे आज़ादी के बाद के दौर में हिंदी साहित्य की प्रगतिशील काव्यधारा के सबसे बड़े नाम माने जाते हैं.
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इमेज कैप्शन, उन्हें प्रगतिशील कविता और नई कविता के बीच का एक सेतु भी माना जाता है. वे साहित्य के छायावाद युग के बाद के सर्वाधिक चर्चित और स्वीकृत कवियों में गिने जाते हैं.
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इमेज कैप्शन, मुक्तिबोध अज्ञेय के संपादन में प्रकाशित 'तारसप्तक' के पहले कवि थे. मनुष्य की अस्मिता, आत्मसंघर्ष और प्रखर राजनैतिक चेतना से समृद्ध उनकी कविता पहली बार 'तारसप्तक' के माध्यम से ही लोगों के सामने आई.
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इमेज कैप्शन, लेकिन उनका कोई स्वतंत्र काव्य-संग्रह उनके जीवनकाल में प्रकाशित नहीं हो पाया. मृत्यु के पहले श्रीकांत वर्मा ने उनकी केवल 'एक साहित्यिक की डायरी' प्रकाशि‍त की थी.
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इमेज कैप्शन, इसका दूसरा संस्करण भारतीय ज्ञानपीठ से उनकी मृत्यु के दो महीने बाद प्रकाशि‍त हुआ. ज्ञानपीठ ने ही 'चाँद का मुँह टेढ़ा है' प्रकाशि‍त किया था.
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इमेज कैप्शन, गजानन माधव 'मुक्तिबोध' 13 नवंबर 1917 को पैदा हुए और 11 सितंबर 1964 को उनका देहावसान हो गया. इसी वर्ष नवंबर 1964 में नागपुर के विश्‍वभारती प्रकाशन ने मुक्तिबोध द्वारा 1963 में ही तैयार किए गए निबंधों के संकलन 'नई कविता का आत्मसंघर्ष' तथा अन्य निबंध' को प्रकाशि‍त किया था.
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इमेज कैप्शन, बाद के सालों में भारतीय ज्ञानपीठ से मुक्तिबोध के अन्य संकलन 'काठ का सपना', और 'विपात्र' (लघु उपन्यास) प्रकाशि‍त हुए.
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इमेज कैप्शन, पहले कविता संकलन के 15 साल बाद, 1980 में उनकी कविताओं का दूसरा संकलन 'भूरी भूर ख़ाक धूल' प्रकाशि‍त हुआ.
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इमेज कैप्शन, और 1985 में 'राजकमल' से पेपरबैक में छह खंडों में 'मुक्तिबोध रचनावली' प्रकाशि‍त हुई. वह हिंदी के हाल के लेखकों की सबसे तेज़ी से बिकने वाली रचनावली मानी जाती है.
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इमेज कैप्शन, इसके बाद मुक्तिबोध पर शोध और किताबों की भी झड़ी लग गई. 1975 में प्रकाशित अशोक चक्रधर का शोध ग्रंथ 'मुक्तिबोध की काव्यप्रक्रिया' इन पुस्तकों में प्रमुख था.
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इमेज कैप्शन, कविता के साथ-साथ, कविता विषयक चिंतन और आलोचना पद्धति को विकसित और समृद्ध करने में भी मुक्तिबोध का योगदान महत्वपूर्ण है. उनके चिंतन परक ग्रंथ हैं, 'एक साहित्यिक की डायरी', 'नई कविता का आत्मसंघर्ष', 'नए साहित्य का सौंदर्य शास्त्र', 'भारत का इतिहास और संस्कृति इतिहास' आदि.
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इमेज कैप्शन, 'काठ का सपना' और 'सतह से उठता आदमी' उनके कहानी संग्रह हैं और 'विपात्रा' उपन्यास हैं. उन्होंने 'वसुधा', 'नया ख़ून' आदि पत्रों में संपादन-सहयोग भी किया.