...कि ताल से ताल मिलाओ

    • Author, प्रीति मान
    • पदनाम, फ़ोटोग्राफ़र, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

भारतीय कला परंपरा में नृत्य और संगीत साथ चलने वाली दो रेखाओं की तरह हैं. ये एक दूजे के बिना अधूरे हैं.

परंपरा डांस फ़ेस्टिवल
इमेज कैप्शन, मंच पर और मंच से पहले कलाकारों की तैयारी बहुत बारीक और साधक की तरह होती है. पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित एक नृत्य संगीत उत्सव के बहाने सुर- ताल- अभिनय का सफ़र तस्वीरों के ज़रिए. सभी तस्वीरें और कैप्शनः प्रीति मान.
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इमेज कैप्शन, भारतीय शास्त्रीय नृत्य की हर शैली में घुंघरू की अहम भूमिका है. कुचिपु़डि नृत्यांगना यामिनी रेड्डी मंच पर जाने से पहले घुंघरू के साथ तैयारी कर रही हैं.
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इमेज कैप्शन, एकल नृत्य से आगे बढ़ कर अब शास्त्रीय नृत्य की हर शैली ने समूह कोरियोग्राफ़ी को काफ़ी आज़माना शुरू किया है. हर कलाकार की देह की लचक तक एक साथ जैसे एक धागे में पिरोई हुईं हों.
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इमेज कैप्शन, न सुर ताल में चूक, न पहनावे में. हर शैली का पहनावा ख़ास होता है. नख से शिख तक की तैयारी मंच से पहले होना ज़रूरी है.
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इमेज कैप्शन, शास्त्रीय कलाओं में फ़्यूज़न अब ख़ूब इस्तेमाल होता है. पूरब और पश्चिम को एक साथ बांधती बिंदु सुब्रमण्यम ने अपने बैंड के साथ फ़्यूज़न पेश किया. बिंदु प्रसिद्ध वायलिन वादक डॉक्टर एल सुब्रमण्यम की बेटी हैं.
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इमेज कैप्शन, जहां बिदुं ने दो अलग संगीत धारा को जोड़ा वहीं सरोद वादक अयान अली ख़ान शुद्ध भारतीय शास्त्रीय संगीत के अंदाज़ लेकर आए. अयान अपने पिता अमजद अली ख़ान की शास्त्रीय संगीत परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं.
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इमेज कैप्शन, कुचिपुडी नृत्यांगना भावना रेड्डी भी नौजवान कलाकारों की खेप में जाना माना नाम है. मंच पर जाने से पहले अपनी सजावट का बारीकी से मुआयना करती हुईं.
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इमेज कैप्शन, कुचिपुडी आंध्रप्रदेश की एक पारंपरिक नृत्य शैली है. गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि में भावना रेड्डी इस शैली की ख़ास मुद्रा में.
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इमेज कैप्शन, नृत्य एक तरह से संवाद की तरह है. नृत्यांगना अपनी भाव भंगिमाओं के ज़रिए अभिव्यक्त करती है. इस ख़ास पोज़ में मुद्राओं के ज़रिए अभिव्यक्ति.
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इमेज कैप्शन, भारतीय कला परंपरा में नृत्य और संगीत साथ चलने वाली दो रेखाओं की तरह हैं. शास्त्रीय कलाओं की जड़े गहरी हैं और अब नए अंदाज़ में अभिव्यक्ति के नए अंदाज़ तलाश रही हैं.