ये चट्टानें किसी बुत की तरह खड़ी लगती हैं. मुद्दतों से यूं ही खड़ी हैं लेकिन उन्होंने एक दौर देखा है.
इमेज कैप्शन, अमरीकी फ़ोटोग्राफ़र बारबरा योशिदा ने मुद्दतों से खड़ी चट्टानों की तस्वीरें चाँदनी रात में लेने के लिए अर्मेनिया से लेकर इसराइल तक का सफ़र किया. 2003 में वे स्कॉटलैंड के ऑर्कनी आइजलैंड गईं जहाँ उन्होंने 'रिंग ऑफ़ ब्रॉडगर' के नाम से मशहूर खड़ी चट्टानों की तस्वीरें अपने कैमरे में क़ैद की. चाँद की रोशनी से भीगी चट्टानों की तस्वीरे लेने का सिलसिला तब से ही शुरू हो गया. फिर वे आयरलैंड की 'द ग्वारेंस इन कैसलटाउनशेंड' गईं. ये तस्वीर भी उसी की है.
इमेज कैप्शन, योशिदा का ये सिलसिला तक़रीबन दशक भर तक चला. वे दुनिया भर की उन खड़ी चट्टानों का जो एक ख़ास तरह की आकृति बनाती थीं, का डॉक्यूमेंटेशन कर रही थीं. ये तस्वीर इटली के सार्डिनिया में टोर्टोली के पास 'ऑर्टेली सु मोंटे' की है.
इमेज कैप्शन, इस परियोजना पर काम करने के दौरान योशिदा को इस बात की प्रेरणा मिली कि वे उन खड़ी चट्टानों का भी डॉक्यूमेंटेशन करें जिनके बारे में लोगों को ज़्यादा कुछ मालूम नहीं है. जैसे कि इंग्लैंड के विल्टशायर का स्टोनहेंज. ऐसे ही एक सफ़र पर वे आर्मेनिया गईं जहाँ उन्होंने 'दी ज़ोराट्स करेर' की तस्वीर ली.
इमेज कैप्शन, अपने फ़ोटो प्रोजेक्ट के सिलसिले में योशिदा ने तीन महादेशों में 15 देशों का सफ़र किया. जैसे ये तस्वीर स्वीडन के कैसरबर्ग में एलेस स्टेनर की है.
इमेज कैप्शन, योशिदा कहती हैं, "मैं ऐसी जगहों पर गईं जो कि आध्यात्मिक प्रकृति के थे और साथ ही साथ उनमें रहस्य, समय शून्यता और इतिहास का मिला जुला रूप भी लगा." ये तस्वीर इसराइल के तेल गेज़र में गेज़र स्टोन रो की है.
इमेज कैप्शन, योशिदा बताती हैं, "बड़े पत्थरों की इन खड़ी चट्टानों की तस्वीरें मैं पिछले दस सालों से खींचती आ रही हूँ. मैंने इनके साथ एक वक़्त गुज़ारा है क्योंकि ये हमारे इतिहास का हिस्सा है. ये किसी भी व्यक्ति की चेतना से जुड़ा हुआ है." तस्वीर में फ्रांस के पेनग्लॉइक मेनहिर.
इमेज कैप्शन, ये तस्वीरें हाल ही में पहली बार मार्क्वैंड बुक्स की ओर से 'मून व्यूइंगः मेगालिथ्स बाई मूनलाइट' नाम से प्रकाशित की गई हैं. ये तस्वीर क्रीमिया के रोडनिकोवस्कोए में स्केल्स्की मेनहिर की है.