कनाडा के उत्तरी पश्चिमे हिस्से में साल के 365 दिन और चौबीसों घंटे ऐसी ही रोशनी होती है, ऐसा क्यों होता है.
इमेज कैप्शन, कोरियाई फ़ोटोग्राफ़र ओ चुल क्वॉन कनाडा के यूलोनाइफ के अरुरा गांव के आसमान में फैली दिलकश रोशनी के संसार को अपने कैमरे से क़ैद करने पहुंचे.
इमेज कैप्शन, दरअसल पृथ्वी के दोनों ध्रुव प्रदेशों में इस तरह की रोशनी देखने को मिलती हैं. कनाडा उत्तरी ध्रुव के इलाके में आता है, लिहाजा इस रोशनी को 'नॉर्दर्न लाइट्स' कहते हैं. हर साल यहां ऐसी रोशनी को देखने के लिए हज़ारों पर्यटक पहुंचते हैं.
इमेज कैप्शन, पर्यटकों के लिए ये यादगार अनुभव होता है. अरुरा गांव के ताइपे लाडेन इलाके को ऐसे दिलकश नजारे के लिए सबसे बेहतरीन ठिकाना माना जाता है.
इमेज कैप्शन, दरअसल ऐसी रोशनी सौरमंडल के वैज्ञानिक रहस्यों में शामिल है. जब सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र से भारी मात्रा में आवेशित कण तेज गति से बाहर निकल कर पृथ्वी की चुंबकीय कक्षा में आते हैं तो ऑक्सीजन और नाइट्रोजन से प्रतिक्रिया कर लाल, हरा और बैंगनी रंग का जादुई संसार बनाते हैं.
इमेज कैप्शन, क्वोन के मुताबिक ये रोशनी मौसम पर काफी हद तक निर्भर करती है. वे कहते हैं, "मेरा अनुमान एकदम ठीक रहा. मैंने कैमरे को लगातार चालू रखा और तस्वीरें लेनी शुरू कर दीं."
इमेज कैप्शन, हालांकि नॉर्दर्न लाइट्स में ऐसी रोशनी सालों भर, हर वक्त मौजूद होती हैं. 365 दिन, चौबीसों घंटे. क्वोन कहते हैं, "सूर्य की रोशनी या फिर ख़राब रोशनी के चलते यह दिखाई नहीं देता."
इमेज कैप्शन, क्वोन वैसे तो सोल में रहते हैं, लेकिन बीते 24 सालों से वे सौर मंडल की गतिविधियों की तस्वीरें लेते रहे हैं.