छह फ़ीट की दूरी पर वो बंगाल टाइगर!

भारत में बाघों की संख्या लगातार कम हो रही है. फ़ोटोग्राफ़र एंडी राउस रणथम्बौर के जंगलों में पहुंचे तो क्या हुआ. देखिए.

बंगाल टाइगर, एंडी राउस
इमेज कैप्शन, पेशेवर वन्यजीव फ़ोटोग्राफ़र एंडी राउस भारत के राजस्थान स्थित रणथम्बौर के जंगलों में जाकर बंगाल टाइगर की तस्वीरों को अपने कैमरे में क़ैद किया.
बंगाल टाइगर, एंडी राउस
इमेज कैप्शन, राउस बाघ और उसके शावकों की तस्वीर लेने के लिए बेहद नज़दीक गए. वे कहते हैं, "मैं महज़ छह फ़ीट की दूरी से तस्वीरें ले रहा था. अगर आप वाहन में हों तो वे आप पर हमला नहीं करते."
बंगाल टाइगर, एंडी राउस
इमेज कैप्शन, हालांकि राउस बाघ और शावकों से सावधानी भी बरत रहे थे. उन्होंने बताया, "मैं अपनी जीप में शावकों से कम से कम 450 फ़ीट की दूरी पर रहना चाहता था, वे विचलित हो सकते थे."
बंगाल टाइगर, एंडी राउस
इमेज कैप्शन, बाघों को पानी में तैरना बख़ूबी आता है. गर्मी से राहत के लिए भी वे तालाब में चली जाती हैं.
बंगाल टाइगर, एंडी राउस
इमेज कैप्शन, हालांकि भारत में बाघों की संख्या लगातार कम हो रही है. शिकार के चलते बाघों की आठ प्रजाति विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी है.
बंगाल टाइगर, एंडी राउस
इमेज कैप्शन, कभी बांग्लादेश, भूटान, भारत और नेपाल में बंगाल टाइगर प्रजाति के बाघों की संख्या दसियों हज़ार थी. लेकिन हाल के सालों में इनकी संख्या में काफ़ी कम हुई है.
बंगाल टाइगर, एंडी राउस
इमेज कैप्शन, जंगलों को नष्ट किए जाना बाघों की संख्या कम होने का सबसे कम कारण है. इसके अलावा ग़ैर क़ानूनी शिकार और कारोबार इनके शिकार की अन्य वजहें हैं.
बंगाल टाइगर, एंडी राउस
इमेज कैप्शन, राउस जब इन बाघों को कैमरे में क़ैद करने के लिए राजस्थान पहुंचे तब वहां दिन का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास था. इस तस्वीर में बाघिन नूर अपने तीन महीने के शावक के साथ आराम फ़रमा रही हैं.