जिन पर टिकी हैं भारत की उम्मीदें

    • Author, सुशांत एस मोहन
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

ग्लास्गो में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के फ़्री स्टाइल पहलवानों से मेडल की बहुत उम्मीदें हैं. एक नज़र इन पहलवानों पर.

अमित कुमार दहिया और बजरंग पूनिया
इमेज कैप्शन, भारतीय कुश्ती दल के दो सबसे युवा सदस्य हैं 19 वर्षीय अमित कुमार (बांए) और 21 वर्षीय बजरंग पूनिया (दांए). ये दोनों ही पहलवान कॉमनवेल्थ कुश्ती प्रतियोगिता और विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में अपने जौहर दिखा चुके हैं. (सुशांत मोहन, बीबीसी सवांददाता)
सत्यव्रत कादियान
इमेज कैप्शन, एक खेल परिवार से आने वाले सत्यव्रत ग्लास्गो कॉमनवेल्थ खेलों में 97 किलोग्राम भार वर्ग में भारत की तरफ़ से उतरेंगे. 2013 में हुई कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपयिनशिप में सत्यव्रत ने भारत को पहली बार हेवीवेट वर्ग में स्वर्ण पदक दिलवाया था. रैंकिंग में सत्यव्रत को एशिया में तीसरा और विश्व में तेरहवां स्थान हासिल है.
योगेश्वर दत्त
इमेज कैप्शन, कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के स्टार खिलाड़ियों में से एक हैं लंदन ओलंपिक में 60 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाले योगेश्वर दत्त. योगेश्वर को कुश्ती के नए नियम लागू होने के बाद अब 60 की जगह 65 किलोग्राम के नए वर्ग में लड़ना होगा. वो इटली में हुई सीनियर अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में 65 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं, जिससे कॉमनवेल्थ खेलों में मेडल की उनकी दावेदारी मज़बूत होती है.
पवन कुमार
इमेज कैप्शन, 86 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहें हैं पवन कुमार. 2013 में हुई कॉमनवेल्थ कुश्ती चैंपयिनशिप में पवन ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था. नए नियमों के मुताबिक़ उन्हें 86 किलोग्राम के वर्ग में लड़ना होगा. बीते साल 74 किलोग्राम वर्ग में उन्हें विश्व में 17वां रैंक हासिल था.
बजरंग पूनिया
इमेज कैप्शन, भारत के युवा पहलवान बजरंग पूनिया ने अपने पैरों की फ़ुर्ती से अपने कोच को हैरान किया है. वो मैट पर काफ़ी तेज़ हैं और पलक झपकते ही अपने प्रतिद्वंद्वी के पैर ज़मीन से उखाड़ सकते हैं. बुडापेस्ट में हुई विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में बजरंग ने कांस्य जीता था और एशियन चैंपियनशिप में भी उन्होंने कांस्य जीता था. 61 किलोग्राम वर्ग में लड़ने वाले इस पहलवान को विश्व में छठा और एशिया में दूसरा रैंक हासिल है.
यशवीर सिंह
इमेज कैप्शन, सुशील कुमार को पहलवानी के गुर सिखा चुके भारत के द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच यशवीर सिंह इस बार कॉमनवेल्थ जाने वाले कुश्ती दल के प्रमुख कोच हैं. वो सात पहलवानों से सात पदकों की उम्मीद कर रहे हैं और इसके लिए तकनीक पर ख़ास ध्यान दे रहे हैं.
अमित कुमार दहिया
इमेज कैप्शन, अमित कुमार (19) भारतीय कुश्ती दल के सबसे युवा पहलवान हैं. हरियाणा के इस पहलवान को प्यार से पॉकेट साईज़ पॉवर हाउस भी कहा जाता है. 57 किलोग्राम वर्ग में लड़ने वाले अमित मैट पर अपने से भारी पहलवान को भी चित्त कर सकते हैं. साल 2013 में हुई विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में 55 किलोग्राम वर्ग में अमित ने रजत पदक हासिल किया था. उनके अंदर फ़ुर्ती भी है और ताक़त भी.
राजीव तोमर
इमेज कैप्शन, डोपिंग के आरोप में चार साल के प्रतिबंध के बाद वापसी कर रहे हैं राजीव तोमर. 125 किलोग्राम के सुपर हैवीवेट वर्ग में राजीव भारत की दावेदारी पेश करेंगे. हालांकि राजीव चार साल कुश्ती से दूर रहे हैं और फ़िटनेस भी उनके लिए एक बड़ा मुद्दा है लेकिन फिर भी कॉमनवेल्थ खेलों में उनसे मेडल की उम्मीद की जा रही है.
राजीव तोमर
इमेज कैप्शन, राजीव तोमर की फ़िटनेस भारतीय कुश्ती दल के लिए एक चिंता का विषय ज़रूर है. उनके घुटने का हाल ही में ऑपरेशन हुआ है और ट्रायल में भी वो मौजूद नहीं थे.
सुशील कुमार
इमेज कैप्शन, भारत की सबसे बड़ी उम्मीद अब भी सुशील कुमार ही हैं. सुशील ने लंदन ओलंपिक के बाद कुश्ती से ब्रेक लिया था और फिर कुश्ती के नियमों में आए बदलाव के बाद भारत के इस स्टार पहलवान को अपना भार वर्ग भी बदलना पड़ रहा है. सुशील के लिए सबसे बड़ी चुनौती है 66 किलोग्राम वर्ग से निकल कर 74 किलोग्रम वर्ग में लड़ना. सुशील हैवी वेट की कड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं और इटली में हुई अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में अपने नए वर्ग में रजत पदक से उन्हें आत्मविश्वास मिला है.