पता है, मैं भी खेलती हूं फ़ुटबॉल..

सरहद के इस पार या उस पार, बच्चों के लिए सियासत और जंग बेमानी हैं. वो जहां भी हों, अपनी दुनिया बसा लेते हैं.

सीरिया, शरणार्थी, बच्चे
इमेज कैप्शन, सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद और विद्रोहियों के बीच जंग के कारण लाखों लोग विस्थापित हुए हैं. मगर एक शरणार्थी शिविर में मस्ती कर रहे बच्चों को न तो इस जंग से मतलब है और न राजनीति से.
सीरिया, शरणार्थी, बच्चे
इमेज कैप्शन, सीरिया के दक्षिण में ग्रामीण इलाक़े मे बने शरणार्थी शिविर अल-ताह में फ़ुटबॉल से खेल रही इस बच्ची के लिए दुनिया बस इसके आसपास तक सीमित है.
सीरिया, शरणार्थी, बच्चे
इमेज कैप्शन, अल-ताह शिविर के ही इस बच्चे को शायद पता नहीं कि जो झंडा वह उठाए है, वह सीरिया का नहीं है. बच्चों के लिए तो यह महज़ खेल है.
सीरिया, शरणार्थी, बच्चे
इमेज कैप्शन, कोई फ़ुटबॉल में मस्त है तो कोई टायर दौड़ा रहा है और कुछ बच्चे रेल बना रहे हैं. बड़े बड़ों के लिए ये खेल मायने नहीं रखते और इनके लिए उनकी बातें बेमानी हैं.
सीरिया, शरणार्थी, बच्चे
इमेज कैप्शन, फ़ुटबॉल विश्व कप के मैच शायद इस बच्चे को बमुश्किल ही देखने को मिल पाया हो, मगर बॉल को हेड करने का रोमांच इसे भी हासिल है.
सीरिया, शरणार्थी, बच्चे
इमेज कैप्शन, इराक़ के तल-अफ़र शहर से भागी एक महिला के दो जुड़वां बच्चे अपने परिवार के साथ अनजान सफ़र पर हैं, और सैकड़ों लोगों की तरह जिन्हें नहीं पता कि उनके भविष्य में क्या लिखा है.