बीबीसी के नवीन सिंह खड़का ने नेपाल में एवरेस्ट क्षेत्र की ख़ूबसूरती को कुछ यूं समेटा अपने कैमरे में.
इमेज कैप्शन, जोपक्यो याक और गाय के बीच की एक क्रॉस प्रजाति है. नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में बोझ ढोने के लिए सबसे अधिक इनका इस्तेमाल किया जाता है.
इमेज कैप्शन, जोपक्यो नदी के ऊपर बने पुल को पार करते हैं, तो शायद ही किसी की हिम्मत हो कि वह विपरीत दिशा से आए.
इमेज कैप्शन, ट्रेकर्स का ज़्यादातर समान कुली ढ़ोते हैं, वे अपने वज़न से दोगुना भार उठा कर कई दिनों तक ऊपर की ओर चलते रहते हैं.
इमेज कैप्शन, शेरपा लोग मुख्य तौर पर बौद्ध धर्म को मानने वाले होते हैं.
इमेज कैप्शन, छोटे-छोटे टी-हाउस मुख्य तौर पर इन कुलियों के लिए होता है.
इमेज कैप्शन, जैसे ही आप लुकला में हवाई पट्टी से ऊपर की ओर ट्रेकिंग करते हैं बर्फ़ से ढकी पहाड़ियां दिखाई देने लगती हैं.
इमेज कैप्शन, एवरेस्ट क्षेत्र में फूलों का यह जंगल इस क्षेत्र की ख़ूबसूरती में चार चांद लगा देता है.
इमेज कैप्शन, नामचे इस क्षेत्र में शेरपाओं का प्रमुख शहर है. जहां ट्रेकर्स और पर्वतारोही एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने से पहले वहाँ की जलवायु में ढ़लने के लिए कुछ दिन बिताते हैं.
इमेज कैप्शन, नामचे के साप्ताहिक लगने वाली बाज़ार में बिकने वाली चीज़ें कुलियों और जोपक्यो या ख़च्चर के द्वारा नीचे से ढोकर लाई जाती है.
इमेज कैप्शन, खुले मौसम वाले दिनों में नामचे के पीछे की पहाड़ियाँ मंत्रमुग्ध कर देने वाली होती है.
इमेज कैप्शन, बीच में खड़ी एवरेस्ट की ये शानदार चोटी आने वाले को अपनी ओर आकर्षित करती है.
इमेज कैप्शन, 1953 का अभियान दल जिसके सदस्य एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे शेरपा माउंट एवरेस्ट के शिखर तक पहुँचने वाले पहले इंसान बने. तस्वीर में बैठे अधिकांश पुरुष कुली और सहयोगी स्टाफ़ हैं. सभी तस्वीरें: नवीन सिंह खड़का / बीबीसी