विंबलडन का रैपिड फ़ायर!

कौन है विंबलडन जीतने वाली सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी? किसने सबसे ज़्यादा बार फ़ाइनल में पहुंचकर भी ट्रॉफ़ी गंवाई? और कैसे चलन में आए मेटल के रैकेट? शुरु हो रहा है विंबलडन 2014.

एना इवॉनविच
इमेज कैप्शन, सर्बिया की एना इवॉनविच ने आज तक विंबलडन में पहले दौर का एक भी मैच नहीं हारा है. इवॉनविच, किसी भी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के भी पहले मैच में आज तक नहीं हारी हैं. साल 2014 का विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट 23 जून से 6 जुलाई तक चलेगा.
सेरेना विलियम्स
इमेज कैप्शन, पांच बार की विंबलडन चैंपियन सेरेना विलियम्स ने भी किसी विंबलडन में आज तक कोई भी पहले दौर का मैच नहीं हारा है.
मार्टिना हिंगिस
इमेज कैप्शन, मार्टिना हिंगिस कोई भी विंबलडन ख़िताब जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी हैं. साल 1996 का विंबलडन युगल खिताब जब उन्होंने जीता था तब उनकी उम्र महज़ 15 साल 282 दिन थी.
मार्टिना नवरातिलोवा
इमेज कैप्शन, मार्टिना नवरातिलोवा के नाम सबसे ज़्यादा महिला एकल विंबलडन ख़िताब जीतने का रिकॉर्ड है. उन्होंने कुल नौ बार महिला एकल ट्रॉफ़ी जीती है.
गोरान इवानिसिविच
इमेज कैप्शन, गोरान इवानिसिविच वाइल्ड कार्ड से एंट्री पाकर विंबलडन ख़िताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने. उन्होंने साल 2001 का विंबलडन ख़िताब जीता था.
रफ़ाएल नडाल और रोजर फ़ेडरर
इमेज कैप्शन, साल 2008 में रफ़ाएल नडाल और रोजर फ़ेडरर के बीच खेला गया फ़ाइनल, विंबलडन के इतिहास का सबसे लंबा फ़ाइनल मैच है. चार घंटे 48 मिनट चले इस मुक़ाबले में नडाल ने फ़ेडरर को 6-4, 6-4, 6-7 (5), 6-7 (8), 9-7 से हरा दिया था.
बोरिस बेकर
इमेज कैप्शन, 1985 में विंबलडन पुरुष एकल ख़िताब जब बोरिस बेकर ने जीता तो वो ऐसा करने वाले पहले गैर वरीयता प्राप्त खिलाड़ी, सबसे युवा पुरुष खिलाड़ी और पहले जर्मन खिलाड़ी बने. उन्होंने ये टाइटल 17 साल 227 दिन की उम्र में जीता था.
क्रिस एवर्ट
इमेज कैप्शन, क्रिस एवर्ट के नाम सबसे ज़्यादा फ़ाइनल मैच हारने का रिकॉर्ड है. वो सात बार विंबलडन की उप विजेता रह चुकी हैं. उन्होंने तीन बार विंबलडन का ख़िताब अपने नाम किया है.
बॉल बॉयज़ और बॉल गर्ल्स
इमेज कैप्शन, विंबलडन में बॉल बॉयज़ की शुरुआत तो 1920 के दशक के अंत तक हो चुकी थी लेकिन 1977 में पहली बार बॉल गर्ल्स की शुरुआत हुई.
लकड़ी के रैकेट
इमेज कैप्शन, साल 1987 में आख़िरी बार विंबलडन में लकड़ी के रैकेट इस्तेमाल किए गए थे. उसके बाद से मेटल रैकेट का इस्तेमाल हो रहा है. हालांकि लकड़ी के रैकेट का इस्तेमाल 1980 से ही काफ़ी कम होने लगा था.