भगत सिंह का घर और गलियाँ

इंक़लाब ज़िंदाबाद का नारा देने वाले भगत सिंह भारतीय स्वाधीनता संग्राम के सबसे बड़े नायकों में से एक रहे. कुछ तस्वीरें उनके पुश्तैनी घर और गाँव की.

भगत सिंह का घर और गलियां
इमेज कैप्शन, क्रांतिकारी भगत सिंह का जन्म आनंदपुर साहिब के छोटे से गाँव खटकर कलां में वर्ष 1907 में हुआ था. (सभी तस्वीरें: सलमान रावी, बीबीसी संवाददाता)
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इमेज कैप्शन, ये एक छोटा सा गाँव हुआ करता था मगर आज बड़ी-बड़ी आलीशान कोठियों के बीच भगत सिंह का पुश्तैनी मकान उसी तरह खड़ा है जैसा वो 1907 में हुआ करता था.
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इमेज कैप्शन, भगत सिंह की माँ इस मकान में 1975 तक रहती रहीं. लेकिन उनके देहांत के बाद परिवार के बाक़ी लोग दूसरी जगहों पर चले गए.
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इमेज कैप्शन, उनके पुश्तैनी मकान को अब राष्ट्रीय धरोहर के रूप में संरक्षित किया गया है. इस इमारत की देख-रेख करने वाले राम सजीवन का कहना है कि समय-समय पर हल्की-फुल्की मरम्मत कर इमारत को संरक्षित रखने का काम किया जाता रहा है.
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इमेज कैप्शन, पुश्तैनी मकान के प्रवेश द्वार पर ही पुरातत्व विभाग ने एक बड़ा सा बोर्ड लगा रखा है ताकि पर्यटकों को इस इमारत के बारे में जानकारी मिल सके.
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इमेज कैप्शन, बड़े से द्वार से अन्दर आँगन में दाखिल होने का रास्ता है. पीले रंग का यह मकान गवाह है भगत सिंह के बचपन का और उनके युवा होते दिनों का.
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इमेज कैप्शन, हालांकि घर के अंदरूनी हिस्से को पुरातत्व विभाग ने बंद कर रखा है ताकि भगत सिंह और उनकी मां द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली चीज़ें संरक्षित रखी जा सकें. मकान के बाहर के एक कमरे को विभाग अपने कार्यालय के रूप में इस्तेमाल कर रहा है.
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इमेज कैप्शन, लकड़ी की नक्काशी वाला पुराना पलंग और अलमारी आज भी उसी तरह से संरक्षित रखे गए हैं जैसे वो सौ साल पहले थे. अलबत्ता, वक़्त के साथ पलंग की रस्सियाँ कमज़ोर पड़ने लगी हैं.
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इमेज कैप्शन, अलमारी की कुछ एक चीज़ें जैसे कि कपड़े इस्तरी करने वाली कोयले की प्रेस भी एक ताक पर मौजूद है.
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इमेज कैप्शन, ग़ुसलख़ाने में वो सौ साल पुराना टब और बाल्टी आज भी उसी तरह से रखी हुई हैं.
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इमेज कैप्शन, मकान की देख-रेख करने वाले राम सजीवन बताते हैं कि भगत सिंह की माँ ने 1975 तक इन सभी चीज़ों का इस्तेमाल किया था.
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इमेज कैप्शन, उसी तरह रसोई घर में रखे बर्तन भी हैं, जो राम सजीवन के मुताबिक ज़्यादातर तांबे और पीतल के हैं.
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इमेज कैप्शन, खटकर कलां में ही पंजाब की सरकार ने भगत सिंह की याद में एक संग्रहालय भी बनाया.
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इमेज कैप्शन, इस म्यूज़ियम में उनसे जुड़ी कई और चीज़ों को लोगों के लिए रखा गया है.