साठ के ठाठ!
गुड़गांव के कुछ बुज़ुर्ग साठ साल के बाद ज़िंदगी से रिटायर होने वाली सोच में बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं. उनका उत्साह नौजवानों के हौसले को मात देता है.








गुड़गांव के कुछ बुज़ुर्ग साठ साल के बाद ज़िंदगी से रिटायर होने वाली सोच में बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं. उनका उत्साह नौजवानों के हौसले को मात देता है.







