सूरज की सतह पर हलचल सी होती है...

विकिरण, सौर भट्टियाँ, सूर्य की सतह के धब्बे और सौर तूफान महज शब्द भर नहीं हैं. इनका अपना एक संसार है. सूरज पर कितना कुछ चलता रहता है न!

सौर भट्ठियों से निकलने वाली ऊर्जा, ये सूर्य की सतह पर फैल जाती है. जोस मैंटेसा/बारक्रॉफ़्ट
इमेज कैप्शन, जोस मैंटेसा एक शौकिया खगोलविज्ञानी हैं. सितारों की दुनिया में उनकी दिलचस्पी इस बात से समझी जा सकती है कि स्पेन के बार्सिलोना के बेग्वीज़ में स्थित अपने घर के पिछले हिस्से में बने गार्डन में उन्होंने सूरज की चौंका देने वाली कुछ तस्वीरें खींची हैं.
सौर भट्ठियों से निकलने वाली ऊर्जा, ये सूर्य की सतह पर फैल जाती है. जोस मैंटेसा/बारक्रॉफ़्ट
इमेज कैप्शन, जोस मैंटेसा सेल्स और मार्केटिंग से जुड़े हुए हैं. साल 2011 में उन्होंने अपने घर की छत पर एक छोटी सी वेधशाला बनवाई थी.
सौर भट्ठियों से निकलने वाली ऊर्जा, ये सूर्य की सतह पर फैल जाती है. जोस मैंटेसा/बारक्रॉफ़्ट
इमेज कैप्शन, उसके बाद से ही उनका शौक परवान चढ़ने लगा. एक साधारण से डीएसएलआर कैमरे की मदद से उन्होंने सूरज पर होने वाली गतिविधियों की कई प्रभावशाली तस्वीरें खींची. जोस की तस्वीरों में सौर भट्टियों और सौर धब्बों की छवियाँ भी थीं.
सौर भट्ठियों से निकलने वाली ऊर्जा, ये सूर्य की सतह पर फैल जाती है. जोस मैंटेसा/बारक्रॉफ़्ट
इमेज कैप्शन, सौर भट्टियाँ सूरज पर होने वाले विकिरण के शक्तिशाली विस्फोट हैं. इससे सूर्य की सतह पर अचानक ही ढेर सारी रोशनी पैदा हो जाती है.
सौर भट्ठियों से निकलने वाली ऊर्जा, ये सूर्य की सतह पर फैल जाती है. जोस मैंटेसा/बारक्रॉफ़्ट
इमेज कैप्शन, सूर्य की सतह पर होने वाली ये हलचलें विध्वंसक तूफानों का स्रोत मानी जाती हैं.
सौर भट्ठियों से निकलने वाली ऊर्जा, ये सूर्य की सतह पर फैल जाती है. जोस मैंटेसा/बारक्रॉफ़्ट
इमेज कैप्शन, माना जाता है कि इन सौर तूफानों में कृत्रिम उपग्रहों के संवदेनशील उपकरणों को नुकसान पहुँचाने की क्षमता होती है. धरती पर पावर ग्रिड को भी ये नुकसान पहुँचाने की क्षमता रखते हैं.
सूर्य की सतह पर सौर धब्बे. जोस मैंटेसा/बारक्रॉफ़्ट
इमेज कैप्शन, सौर धब्बे सूर्य की सतह पर गहरे रंग के धब्बे होते हैं. ये चुंबकीय प्रभाव वाले क्षेत्र की वजह से पैदा होते हैं. इन धब्बों का रंग गहरा होता है क्योंकि वे सूर्य की सतह के आस पास के क्षेत्रों की तुलना में कुछ हद तक कम गर्म होते हैं. कई बार तो इनकी आकृति इतनी बड़ी होती है कि वे आकार में पृथ्वी से भी बड़े होते हैं.
सूर्य की सतह पर सौर धब्बे. जोस मैंटेसा/बारक्रॉफ़्ट
इमेज कैप्शन, सूर्य की सतह के चुंबकीय प्रभाव वाले क्षेत्र में होने वाले बदलाव से इन सौर धब्बों की संख्या तय होती है. ये बदलाव इसलिए होता है क्योंकि सूर्य अपने अक्ष पर दूसरे हिस्सों की तुलना में अधिक तेजी से घूमता है. इसी का नतीजा है कि 11 सालों के औसत अंतराल में सौर धब्बों से जुड़ी हलचलों में बदलाव आता है.
सूर्य की सतह पर सौर धब्बे. जोस मैंटेसा/बारक्रॉफ़्ट
इमेज कैप्शन, एक अंदाजा है कि इन्हीं 11 सालों के अंतराल में सौर धब्बों की संख्या कमतर से अपनी अधिकतम संख्या पर पहुँच जाती है फिर ये सबसे कम संख्या से दोबारा से शुरू करते हैं.
जेट विमान की छाया. जोस मैंटेसा/बारक्रॉफ़्ट
इमेज कैप्शन, जोस मैंटेसा ने ये तस्वीर उस वक्त खींची थी जब एक यात्री जेट विमान सूरज के सामने से गुज़र रहा था.