करोड़ों का कोयला, इंसानों का मोल कौड़ियों में
झारखंड के झरिया में सरकारी अनुमान के मुताबिक़ क़रीब 56 हज़ार परिवार आग के ढेर पर जी रहे हैं. विस्थापन और तंगहाली के बीच चलती झरिया की ज़िंदगी.













झारखंड के झरिया में सरकारी अनुमान के मुताबिक़ क़रीब 56 हज़ार परिवार आग के ढेर पर जी रहे हैं. विस्थापन और तंगहाली के बीच चलती झरिया की ज़िंदगी.












