कैसा दिखता है नए दौर का काबुल...

काबुल एक ऐसा शहर है जिसके कई चेहरे दिखाई दे जाते हैं. एक चेहरा वो भी है जिसके बारे में बहुत कम कहा सुना जाता है लेकिन वह बेहद आधुनिक है. यहाँ पढ़े लिखे लोग मिल जाते हैं, रैप और रॉक संगीत के फ़नकार हैं.

काबुल, अफ़ग़ानिस्तान
इमेज कैप्शन, पहली नज़र में काबुल एक अलग तरह की आपा-धापी में खोये हुए शहर जैसा लगता है. यहाँ ज़्यादातर लोग देश में खून खराबे को ख़त्म होते हुए और अफ़ग़ानिस्तान को एक स्थिर मुल्क के तौर पर देखना चाहते हैं. काबुल में नई पीढ़ी के लोग अफ़ग़ानिस्तान के आने वाले कल के बारे में एक राय रखते हैं और उसे खुल कर ज़ाहिर भी करते हैं.
काबुल, अफ़ग़ानिस्तान
इमेज कैप्शन, इन नौजवानों में पेंटर हैं, एक्टर हैं, संगीतकार हैं और यहाँ तक कि रैप म्यूज़िक के फनकार भी हैं. इनमें से कई लोग शरणार्थी के तौर पर ईरान में रह चुके हैं. कुछ लोगों की पैदाइश भी ईरान की है लेकिन अब वे अपने देश अफ़ग़ानिस्तान लौट आए हैं. जब उनसे ये सवाल पूछा गया कि आख़िर वो कौन सी चीज थी जिसकी ख़ातिर वे अपने देश वापस लौट आए तो उनका जवाब था कि वे अपने देश से प्यार करते हैं.
काबुल, अफ़ग़ानिस्तान
इमेज कैप्शन, उस देश से जहाँ बहुत ज़्यादा सहूलियतें नहीं हैं, सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक है. यहाँ साल 1979 में सोवियत संघ का आना हुआ फिर गृह युद्ध जैसे हालात बने और सैन्य शासन लगा फिर साल 2001 में अमरीकियों के आने तक अफ़ग़ानिस्तान ने दशकों तक खून खराबें और युद्ध का सामना किया. और अब अफ़ग़ानिस्तान में इसी साल पाँच अप्रैल को चुनाव हुए हैं और तालिबान लड़ाकों की ओर से हिंसा का नया सिलसिला शुरू करने की कोशिश की जा रही है जो यहाँ जारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करना चाहते हैं.
काबुल, अफ़ग़ानिस्तान
इमेज कैप्शन, इन सब के अलावा लोगों को यहाँ कई तरह की व्यावहारिक मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है. काबुल के एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि कभी-कभी ख़ासकर जाड़ों के मौसम के दौरान बिजली की किल्लत बढ़ जाती है और बिजली 12-12 घंटों तक नदारद रहती है. लेकिन इन मुश्किलों के बावजूद यहाँ के शहरी कहते हैं कि उन्हें अपने मुल्क से मोहब्बत है और अगर वे छोड़कर चले जाएंगे तो यहाँ सब कुछ तहस नहस हो जाएगा.
काबुल, अफ़ग़ानिस्तान
इमेज कैप्शन, बाल काटने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि उसे अफ़ग़ानिस्तान में आज़ादी महसूस होती है और उससे यहाँ अजनबियों की तरह सुलूक नहीं किया जाता है. काबुल एक ऐसा शहर है जिसके कई चेहरे दिखाई दे जाते हैं. एक चेहरा वो भी है जिसके बारे में बहुत कम कहा सुना जाता है लेकिन वह बेहद आधुनिक है. यहाँ पढ़े लिखे लोग मिल जाते हैं, रैप और रॉक संगीत के फनकार हैं जो कि नए दौर के लगते हैं.
काबुल, अफ़ग़ानिस्तान
इमेज कैप्शन, लोग महँगे रेस्तरां में जाकर खाते हैं, शॉपिंग मॉल में ख़रीदारी करते हैं और नौजवान अंग्रेज़ी बोलते हैं. यहाँ की संस्कृति उन तौर तरीक़ों से बेहद अलग है जिन पर कभी तालिबान के दौर में बहुत ज़ोर दिया जाता था. एक वो वक़्त भी था जब अफ़ग़ानिस्तान में सिनेमा, संगीत, थिएटर और कुछ तरह की पेटिंग्स पर रोक लगा दी गई थी.
काबुल, अफ़ग़ानिस्तान
इमेज कैप्शन, लेकिन दूसरी तरफ कई लोग ऐसे भी मिल जाते हैं जिन्हें तस्वीर खिंचवाने पर एतराज है, इनमें नौजवान भी हैं. यहाँ के लोग परंपरावादी हैं. मालूम पड़ता है जो समाज ख़ुद को तस्वीरों में किसी और की नज़रों से देखा जाना पसंद नहीं करता है, कहीं न कहीं वो ख़ुद को छुपा रहा होता है और शायद वो अपने अतीत में ही जी रहा है.
काबुल, अफ़ग़ानिस्तान
इमेज कैप्शन, काबुल में एक और चीज ऐसी है जो यहाँ मौजूद लोगों पर असर डालती है और वो है विदेशी सैनिकों की मौजूदगी. इन सैनिकों में से ज़्यादातर इस साल हटा लिए जाने हैं. यहाँ के लोग इस बारे में एक राय रखते हैं और खुलकर ज़ाहिर भी करते हैं. कुछ लोगों का ये मानना है कि विदेशी सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान से चले जाना चाहिए और देश को अपने भविष्य के बारे में ख़ुद ही फ़ैसला करना चाहिए.
काबुल, अफ़ग़ानिस्तान
इमेज कैप्शन, उन्हें लगता है कि अफ़ग़ानिस्तान इतना ताक़तवर देश है कि वह अपना निर्माण ख़ुद कर सकता है. उन्हें यकीन है कि विदेशी अफ़ग़ानिस्तान की राजनीति में दखल देते हैं और देश के अगले राष्ट्रपति के चुनाव पर असर डालने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि ऐसे लोग भी हैं जो ये मानते हैं कि विदेशी सैनिकों के चले जाने से अफ़ग़ानिस्तान में अस्थिरता बढ़ेगी क्योंकि अफ़ग़ान सेना इतनी मज़बूत नहीं है कि वह ज़रूरी सुरक्षा मुहैया करा सके.
काबुल, अफ़ग़ानिस्तान
इमेज कैप्शन, उन्हें यकीन है कि उनका देश एक रोज़ उस जगह पर ज़रूर पहुँच जाएगा जहाँ वह 10-15 साल पहले था और मानवाधिकारों के मामले में हाल के वक़्त में जो सुधार हुए हैं और क़ानून के राज की फिर से बहाली होगी. काबुल में कुछ कलाकार इस बात को लेकर ख़ासतौर पर चिंतित हैं कि उनके सामने अफ़ग़ानिस्तान में बिना कला के रहने या फिर से देश छोड़ने की स्थिति पैदा की जा सकती है. सभी तस्वीरें और कैप्शन साभारः समाचार एजेंसी रॉयटर्स.