क़तार का आख़िरी गांव
मुक्केबाज़ी में विश्व चैंपियन मेरी कॉम का गांव आज भी उसी हाल में है जब यहां से मेरी कॉम ने अपने सपनों को पंख देने शुरू किए थे. यहां के लोगों को आस है कि शायद कभी उनके दिन भी बहुरेंगे.
















मुक्केबाज़ी में विश्व चैंपियन मेरी कॉम का गांव आज भी उसी हाल में है जब यहां से मेरी कॉम ने अपने सपनों को पंख देने शुरू किए थे. यहां के लोगों को आस है कि शायद कभी उनके दिन भी बहुरेंगे.















